जयपुर, 12 जनवरी (khabarwala24)। हर वर्ष 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है, जो महान चिंतक और युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती का प्रतीक है। स्वामी विवेकानंद का मानना था कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसके युवाओं की शक्ति, आत्मविश्वास और चरित्र पर निर्भर करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक दशक से अधिक के नेतृत्व में यह संकल्प आज साकार होता दिख रहा है, जिसका प्रमाण देश के युवा नवप्रवर्तकों और उपलब्धि हासिल करने वाले युवाओं की सफलता में साफ नजर आता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लोकप्रिय हैंडल ‘मोदी स्टोरी’ ने राजस्थान के पाली जिले के भीतवाड़ा गांव के युवा नवोन्मेषक और अंतरिक्ष प्रेमी हितेंद्र सिंह की प्रेरक यात्रा साझा की है।
मोदी स्टोरी में बताया गया कि ग्रामीण परिवेश से आने वाले हितेंद्र सिंह का सपना बचपन से ही अंतरिक्ष यात्री बनने का था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद उनके सपनों को नई दिशा और उड़ान मिली। वीडियो में हितेंद्र अपने बचपन को याद करते हुए बताते हैं कि किस तरह तारों को देखकर उनके मन में अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनने की चाह जगी।
उन्होंने कहा, “जब मैं आकाश में तारों को देखता था, तो अंतरिक्ष यात्री बनने की तीव्र इच्छा होती थी।”
आज हितेंद्र ‘स्पैंट्रिक’ नामक एक स्पेस टेक्नोलॉजी स्टार्टअप के संस्थापक हैं, जो पुन: उपयोग योग्य रॉकेट प्रणालियों पर काम कर रहा है। वे राष्ट्रीय युवा दिवस पर भारत मंडपम में आयोजित ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ में चुने गए 10 नवोन्मेषकों में शामिल थे, जहां 3,000 से अधिक प्रविष्टियों में से उनका चयन हुआ। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
इस अवसर पर उन्हें प्रधानमंत्री के समक्ष अपनी कंपनी की पेटेंट प्राप्त, स्वदेशी तकनीक प्रस्तुत करने का अवसर मिला। हितेंद्र के अनुसार, प्रधानमंत्री ने युवाओं के विचारों में गहरी रुचि दिखाई और भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के दीर्घकालिक लक्ष्यों तथा निजी क्षेत्र की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री से बातचीत बेहद प्रेरणादायक रही। उनसे मिलने के बाद हमें सिर्फ पांच साल नहीं, बल्कि अगले 50 वर्षों की योजना बनाने का उत्साह मिला।”
हितेंद्र ने स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना के लिए सरकार का आभार जताया, जिसके तहत ‘स्पैंट्रिक’ को अपने रॉकेट इंजन के विकास के लिए 20 लाख रुपये का अनुदान मिला।
उन्होंने इन स्पेस के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री के संदेश को भी याद किया, जिसमें कहा गया था कि “आम आदमी और अंतरिक्ष विज्ञान के बीच कोई दूरी नहीं होनी चाहिए।”
उल्लेखनीय है कि सरकार ने उद्यमिता, नवाचार और अंतरिक्ष जैसे उभरते क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई पहल शुरू की हैं। इससे यह संदेश स्पष्ट होता है कि देश का युवा वर्ग ‘विकसित भारत’ के निर्माण में एक सक्रिय साझेदार के रूप में आगे बढ़ रहा है।
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