मुंबई, 9 अक्टूबर (khabarwala24)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महाराष्ट्र दौरे के बाद सियासत तेज हो गई है। एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने कहा कि पीएम मोदी प्रदेश में आए, उनका स्वागत है, लेकिन अगर वह बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए कोई राहत की घोषणा करते तो अच्छा रहता।
रोहित पवार ने कहा कि प्रधानमंत्री का भाषण उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा और वह देश की जनता को ठोस घोषणाओं की बजाय राजनीतिक आरोपों से भर गए।
रोहित पवार ने khabarwala24 से खास बातचीत में कहा, “प्रधानमंत्री मुंबई आए, हम उनका स्वागत करते हैं क्योंकि वह देश के प्रधानमंत्री हैं। हम उम्मीद कर रहे थे कि वे भविष्य में महाराष्ट्र को क्या देने वाले हैं, इस पर बात करेंगे। उदाहरण के लिए, केंद्र ने गुजरात को आईएफसी केंद्र दिया, अगर वह कहते कि महाराष्ट्र को भी एक आईएफसी केंद्र मिलेगा तो हम इसका स्वागत करते।
एनसीपी (एसपी) नेता ने कहा कि आज जो किसान संघर्ष कर रहे हैं, अगर उन्होंने उनके लिए 10 से 15 हजार रुपए की सहायता की घोषणा की होती, तो हम उसका भी स्वागत करते, लेकिन हमें कहना पड़ेगा कि यह सरकार नायक नहीं, खलनायक है।”
उन्होंने प्रधानमंत्री के उस बयान पर भी पलटवार किया जिसमें उन्होंने 26/11 हमले के संदर्भ में कांग्रेस पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। रोहित पवार ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में डोनाल्ड ट्रंप के लिए गुस्सा है। वह कांग्रेस के खिलाफ बयानबाजी कर उसी गुस्से को निकाल रहे हैं। ट्रंप को काउंटर करने के लिए ही उन्होंने यह बयान दिया है।”
बिहार चुनाव को लेकर पवार ने कहा कि बिहार के चुनाव पूरी तरह अलग होते हैं और वहां स्थानीय मुद्दों पर ही लड़ाई होती है। उन्होंने कहा, “बिहार के चुनाव अनोखे हैं और एक अच्छी बात यह है कि अगर वहां कोई आंदोलन शुरू होता है तो वह पूरे देश में फैल सकता है, लेकिन बीजेपी को चुनाव में फायदा पहुंचाने के लिए केंद्र और महाराष्ट्र सरकार कुछ भी कर सकती है।”
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के हालिया बयान पर भी रोहित पवार ने निशाना साधा। उन्होंने कहा, “राज्यपाल को राजनीति करने की अनुमति नहीं होती, लेकिन वे खुद राजनीति कर रहे हैं। जब पश्चिम बंगाल में चुनाव आएगा, तब बीजेपी उन्हें छुट्टी देकर माला पहनाकर प्रचार में उतार देगी और शायद बीजेपी यही करेगी।”
बसपा प्रमुख मायावती द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार की तारीफ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पवार ने कहा, “मायावती बहुत बड़ी नेता रही हैं, लेकिन अब उनकी पार्टी बहुत कमजोर हो गई है। इसके पीछे कई कारण हैं। ईडी, सीबीआई और अन्य एजेंसियां अब बीजेपी के सपोर्ट में काम कर रही हैं। अगर मायावती बीजेपी के समर्थन में नहीं जातीं तो एजेंसियां सक्रिय हो जाती हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “मायावती का बयान अखिलेश यादव के खिलाफ नहीं है, बल्कि वह यह बताना चाहती हैं कि बीजेपी उन्हें दबा रही है। एजेंसियों का इस्तेमाल करके उनकी आवाज दबाई जा रही है। मजबूरन उन्हें विचार बदलकर बीजेपी के साथ जाना पड़ रहा है। जिस स्तर की नेता मायावती थीं, आज बीजेपी ने उन्हें बहुत छोटा कर दिया है।”
Source : IANS
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