Khabarwala 24 News New Delhi: Petrol Price देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती की है। इस कदम से आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ (Petrol Price)
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। वहीं, डीजल पर यह ड्यूटी 10 रुपये प्रति लीटर से घटाकर पूरी तरह शून्य कर दी गई है। इस फैसले से तेल विपणन कंपनियों पर लागत का दबाव कम होगा और इसका फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है, जिससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी आने की संभावना है।
विमानन टरबाइन ईंधन के लिए भी नया लेवी ढांचा लागू (Petrol Price)
सरकार ने इसके साथ ही विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) के लिए भी नया लेवी ढांचा लागू किया है। नए प्रावधानों के तहत एटीएफ पर 50 रुपये प्रति लीटर का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया गया है। हालांकि, आंशिक छूट के बाद इसका प्रभावी शुल्क लगभग 29.5 रुपये प्रति लीटर रह जाएगा। यह कदम एविएशन सेक्टर और सरकारी राजस्व के बीच संतुलन बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला (Petrol Price)
दरअसल, यह निर्णय वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच लिया गया है। हाल के दिनों में अमेरिका, इजराइल और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य की संभावित नाकाबंदी ने चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह मार्ग दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस आपूर्ति का प्रमुख रास्ता है।
घरेलू बाजार को स्थिर रखने के लिए उठाया कदम (Petrol Price)
भारत भी इस मार्ग पर काफी हद तक निर्भर रहा है और अपने कुल कच्चे तेल आयात का करीब 12 से 15 प्रतिशत इसी रास्ते से प्राप्त करता है। ऐसे में आपूर्ति प्रभावित होने से कीमतों में उछाल आना स्वाभाविक है। सरकार का यह कदम इसी प्रभाव को कम करने और घरेलू बाजार को स्थिर रखने के उद्देश्य से उठाया गया माना जा रहा है।
नीति अधिक नियंत्रित और संतुलित बनेगी (Petrol Price)
इसके अलावा सरकार ने ईंधन निर्यात से जुड़े नियमों को भी सख्त कर दिया है। पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात पर पहले दी जा रही व्यापक उत्पाद शुल्क छूट को वापस ले लिया गया है। अब निर्यात लाभ केवल चुनिंदा और स्पष्ट श्रेणियों तक सीमित रहेंगे, जिससे नीति अधिक नियंत्रित और संतुलित बनेगी।विशेषज्ञों का मानना है कि इन फैसलों से आने वाले दिनों में आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है, हालांकि अंतिम प्रभाव तेल कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति और वैश्विक बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


