Neeraj Sharma एक इंजीनियर का बनाया यह कैफ़े है ख़ास, यहां आने वाले मेहमानों को देखकर यकीन हो जाता है कि देश की मिट्टी में कुछ तो बात है

Khabarwala 24 News New Delhi : Neeraj Sharma हरियाणा के डाबला गांव के रहनेवाले नीरज शर्मा पेशे से तो इंजीनियर हैं, लेकिन जब उन्हें मिट्टी के बर्तनों का महत्त्व पता चला, तो उन्होंने केमिकल-मुक्त मिट्टी के बर्तन बनाने और बेचने के साथ-साथ लोगों को भी इसके गुणों से जोड़ना चाहा और इस तरह शुरुआत हुई […]

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Khabarwala 24 News New Delhi : Neeraj Sharma हरियाणा के डाबला गांव के रहनेवाले नीरज शर्मा पेशे से तो इंजीनियर हैं, लेकिन जब उन्हें मिट्टी के बर्तनों का महत्त्व पता चला, तो उन्होंने केमिकल-मुक्त मिट्टी के बर्तन बनाने और बेचने के साथ-साथ लोगों को भी इसके गुणों से जोड़ना चाहा और इस तरह शुरुआत हुई ‘मिट्टी रसोई’ की, जो कई मायनों में ख़ास है।

यहां आने वाले मेहमानों की तादात देखकर यह यकीन हो जाता है कि हमारी देश की मिट्टी में कुछ तो बात है। इस अनोखे कैफ़े में मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाया और परोसा ही नहीं जाता, बल्कि आने वाले मेहमानों को इन्हें इस्तेमाल करना भी सिखाया जाता है; जैसे इनमें पकाएं कैसे, इन्हें धोएं कैसे और ध्यान कैसे रखें।

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समय के साथ मॉडर्न और इलेक्ट्रिक उपकरणों का चलन बढ़ा (Neeraj Sharma)

मिट्टी के बर्तन अरसे से भारतीय घरों का हिस्सा रहे हैं। गर्मियों में सुराही के पानी का वह स्वाद, जिसने न केवल हमारी प्यास बुझाई, बल्कि बचपन में न जाने कितनी बार हमें सुकून भी दिया है। मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल न सिर्फ़ पानी रखने के लिए, बल्कि खाना पकाने के लिए भी किया जाता रहा है। समय के साथ मॉडर्न और इलेक्ट्रिक उपकरणों का चलन बढ़ा, लेकिन मिट्टी के बर्तन का महत्त्व आज भी उतना ही है। आज भी छोटे कस्बों और शहरों में लोग मिट्टी के तवे पर रोटी पकाते हैं।

डाई मोल्ड और केमिकल कोटिंग के साथ मिट्टी के बर्तन तैयार (Neeraj Sharma)

बाज़ार में मिट्टी के बर्तनों की मांग जितनी बढ़ती जा रही है, इसे बनाने का बिज़नेस भी उतनी ही तेज़ी से बढ़ रहा है। लेकिन देश की ज़्यादातर जगहों में बन रहे मिट्टी के इन बर्तनों को कोई कुम्हार नहीं, बल्कि मशीन तैयार कर रही है। डाई मोल्ड और केमिकल कोटिंग के साथ काफ़ी फैंसी मिट्टी के बर्तन तैयार किए जाते हैं। मिट्टी के बर्तनों की इसी सच्चाई को जानने के बाद, झज्जर (हरियाणा) के डाबला गाँव के रहनेवाले नीरज शर्मा को ‘मिट्टी, आप और मैं’ नाम से बिज़नेस शुरू करने की प्रेरणा मिली।

स्वादिष्ट खाने के साथ सिखाते हैं मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल (Neeraj Sharma)

आज नीरज अपना एक कैफ़े ‘मिट्टी रसोई’ चला रहे हैं, पेशे से इंजीनियर नीरज को जब मिट्टी के बर्तनों का महत्त्व का पता चला, तो उन्होंने केमिकल-मुक्त मिट्टी के बर्तन बनाना और बेचना शुरू किया। पर अक्सर उन्हें ऐसे लोग मिलते थे, जो मिट्टी के बर्तनों में खाना खाना तो चाहते थे पर उन्हें यह पता ही नहीं था कि इनमें पकाना कैसे है और धोना कैसे है। इसी समस्या का हल था ‘मिट्टी रसोई’ जहाँ लोगों को मिट्टी के बर्तन इस्तेमाल करने की एक तरह से ट्रेनिंग दी जाती है।

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Sandeep Kumar
Sandeep Kumarhttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sandeep Kumar है। मैं एक अनुभवी कंटेंट राइटर हूं और पिछले कुछ सालों से इस क्षेत्र में काम कर रहा हूं। अभी मैं Khabarwala24 News में कई अलग-अलग कैटेगरी जैसे कि टेक्नोलॉजी, हेल्थ, ट्रैवल, एजुकेशन और ऑटोमोबाइल्स पर कंटेंट लिख रहा हूं। मेरी कोशिश रहती है कि मैं अपने शब्दों के ज़रिए लोगों को सही, सटीक और दिलचस्प जानकारी दे सकूं।

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