नई दिल्ली, 11 जनवरी (khabarwala24)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने केशव कुंज, झंडेवालान में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने ‘आरआरएस के 100 वर्ष– शतक’ फिल्म के दो गीतों ‘भारत मां के बच्चे’ और ‘भगवा है मेरी पहचान’ का लोकार्पण किया।
गीतों को गायक सुखविंदर सिंह ने आवाज दी है। कार्यक्रम में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि संघ और डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार समानार्थक शब्द हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे संघ नए-नए रूप में विकसित होता है, लोगों को लगता है कि संघ बदल रहा है, लेकिन संघ बदल नहीं रहा है, क्रमशः प्रगट हो रहा है। यह बीज से पेड़ बनने की प्रक्रिया है। ऐसे ही डॉक्टर साहब का जीवन यानी संघ का विचार, संघ की भावना, सब कुछ है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार की साइकोलॉजी शोध और अध्ययन का विषय है। जब डॉक्टर साहब के माता-पिता एक ही दिन 1 घंटे के अंतराल में दुनिया से चल बसे, उस समय डॉक्टर हेडगेवार की आयु मात्र 11 वर्ष थी।
इतनी छोटी आयु में इतना बड़ा आघात जब होता है तो व्यक्तित्व का उदासीन हो जाना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन इस आघात का डॉक्टर साहब के मन पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़ा। दुख तो हुआ होगा, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती, लेकिन उनके स्वभाव और व्यक्तित्व पर विपरीत परिणाम नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि डॉ. साहब जन्मजात देशभक्त थे। बड़े से बड़े आघात को पचाकर अपने मन को इधर-उधर नहीं होने देना। यह मजबूत और स्वस्थ मन उनका पहले से था।
वीर कपूर द्वारा निर्मित और आशीष मल द्वारा निर्देशित फिल्म ‘आरआरएस के 100 वर्ष- शतक’ के गीतों के लोकार्पण के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश (भय्याजी) जोशी और गायक सुखविंदर सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।
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