Khabarwala 24 News New Delhi : Major changes India Passport System भारतीय पासपोर्ट अब पूरी तरह से डिजिटल दुनिया में प्रवेश कर चुका है और 2025 तक पूरी तरह से आधुनिक बनने के लिए तैयार है। इसके लिए कई बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। ये बदलाव सुरक्षा, निजता और पहुँच को बेहतर बनाने के लिए किए गए हैं। अब आपको RFID चिप वाले ई-पासपोर्ट मिलेंगे जो आपकी सुरक्षा को कई गुना बढ़ा देंगे। साथ ही, कुछ ऐसी जानकारी अब पासपोर्ट पर नहीं छपेगी जो आपकी प्राइवेसी के लिए अहम है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक पासपोर्ट सेवा केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जाए ताकि पासपोर्ट बनवाना और भी आसान हो जाए। यदि आप भारतीय पासपोर्ट से जुड़े इन बड़े बदलावों के बारे में जानना चाहते हैं तो ये 5 बातें आपके बहुत काम आएंगी…
1. ई-पासपोर्ट की शुरुआत: सुरक्षा का नया युग (Major changes India Passport System)
भारत ने गोवा और राँची सहित कुछ शहरों में चिप-सक्षम ई-पासपोर्ट जारी करना शुरू कर दिया है। इन पासपोर्ट में RFID चिप लगी होती है जो बायोमेट्रिक और व्यक्तिगत डेटा जैसे फिंगरप्रिंट और तस्वीरों को सुरक्षित रूप से स्टोर करती है। इस डिजिटल तकनीक का मुख्य उद्देश्य पहचान की चोरी और धोखाधड़ी को कम करना है साथ ही आव्रजन प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित और सुरक्षा को मजबूत करना है। ई-पासपोर्ट का विकल्प नए आवेदनों के लिए उपलब्ध है।
2. जन्मतिथि के प्रमाण पत्र से जुड़े नए नियम (Major changes India Passport System)
1 अक्टूबर, 2023 के बाद जन्मे लोग: इस तारीख के बाद जन्मे सभी लोगों को पासपोर्ट के लिए अपना जन्म प्रमाण पत्र जमा करना होगा। यह जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 के तहत नामित प्राधिकारी द्वारा जारी किया जाना चाहिए। यह दस्तावेज़ प्रक्रिया में प्रामाणिकता और एकरूपता सुनिश्चित करता है। 1 अक्टूबर, 2023 से पहले जन्मे आवेदक आधार कार्ड, पैन कार्ड या स्कूल प्रमाणपत्र जैसे वैकल्पिक दस्तावेजों का उपयोग कर सकते हैं।
3. आवासीय पता हटाना, निजता को प्राथमिकता (Major changes India Passport System)
अब आपके पासपोर्ट पर आवासीय पता नहीं दिया जाएगा। साथ ही, कुछ ऐसी जानकारी अब पासपोर्ट पर नहीं छपेगी जो आपकी प्राइवेसी के लिए अहम है। पासपोर्ट के अंतिम पृष्ठ पर एक बारकोड दिया जाएगा। जब आप इस बारकोड को स्कैन करेंगे तो आपके पते की पूरी जानकारी आपके फोन पर दिख जाएगी। इस जानकारी को केवल आव्रजन अधिकारी ही एक्सेस कर सकेंगे जिससे आपकी निजता बनी रहेगी।
4. माता-पिता के नाम हटाना महत्वपूर्ण कदम (Major changes India Passport System)
भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए माता-पिता के नाम को अब नए पासपोर्ट में शामिल नहीं करने का फैसला किया है। यह नया नियम विकसित पारिवारिक संरचनाओं को दर्शाता है और विविध पारिवारिक संरचना वाले व्यक्तियों जैसे सिंगल पैरेंट्स वाले परिवार और अलग-अलग परिवार के लोगों के लिए आवेदन प्रक्रिया को काफी सरल बनाता है।
5. 2030 तक पासपोर्ट केंद्रों की संख्या बढ़ेगी (Major changes India Passport System)
सरकार ने पासपोर्ट सेवाओं में सुधार के लिए 2030 तक पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्रों (POPSK) की संख्या 442 से बढ़ाकर 600 करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य पासपोर्ट बनने में लगने वाले समय को कम करना और नागरिकों के लिए पासपोर्ट सेवाओं को अधिक सुविधाजनक बनाना है खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए। ये सभी कदम भारत की पासपोर्ट सिस्टम को आधुनिक बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।


