Khabarwala 24 News New Delhi : Leap Year : इस साल फरवरी में 28 के बजाय 29 दिन होंगे। सामान्य तौर पर इस वर्ष को लीप ईयर कहा जा रहा है। लीप वर्ष उन लोगों के लिए जश्न का साल होता है, जिनका जन्म 29 फरवरी को हुआ हो लेकिन, यह कैसे पता चलता है कि किस साल को लीप ईयर माना जाता है। क्या इससे लोगों के जीवन पर कोई असर पड़ सकता है? साल 2024 लीप वर्ष है।
यह साल उन लोगों के लिए जश्न का वर्ष है, जिनका जन्म 29 फरवरी को हुआ है। एक अनुमान के मुताबिक, दुनियाभर में सिर्फ 0.07 फीसदी लोग ही 29 फरवरी को पैदा हुए हैं। क्या आप जानते हैं कि भारत के एक प्रधानमंत्री का जन्म भी 29 फरवरी को हुआ था। अगर नहीं, तो बता दें कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई देश के इकलौते प्रधानमंत्री हैं, जिनका जन्म लीप दिवस को 29 फरवरी 1896 को हुआ था। वैसे तो साल में 365 दिन होते हैं, लेकिन चार साल में एक बार साल में 366 दिन भी होते हैं। इसे ही लीप ईयर कहा जाता है। साल का ये अतिरिक्त दिवस फरवरी माह में जोड़ा जाता है। इसी वजह से फरवरी माह आम तौर पर 28 और लीप वर्ष में 29 दिन का होता है।
चार साल के भीतर एक दिन बढ़ जाता है (Leap Year)
लीप ईयर में एक अतिरिक्त दिन होने के लिए खगोलीय घटनाक्रम जिम्मेदार होता है। हम सभी जानते हैं कि धरती अपनी धुरी पर सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाती है। एक बार परिक्रमा करने में धरती को 365 दिन और 6 घंटे का समय लगता है। ये अतिरिक्त 6 घंटे दर्ज नहीं किए जाते हैं। हर चार साल में इन अतिरिक्त 24 घंटों को वर्ष में जोड़ दिया जाता है। लिहाजा, हर चार साल के भीतर वर्ष में एक दिन बढ़ जाता है। खगोलीयविद् इसे सोलर ईयर कहते हैं।
कैसे पता करें कब-कब होगा लीप ईयर? (Leap Year)
ज्यादातर लोग ये गणना नहीं कर पाते हैं कि लीप ईयर कब-कब होगा. इसका बेहद आसान तरीका है। दरअसल, जिस साल को 4 से भाग देने पर फल पूर्णांक आए, वो लीप ईयर होता है। उदाहरण के तौर पर अगर आप साल 2024 को 4 से भाग देना चाहें तो आसानी से दे सकते हैं। गणना का फल पूर्णांक होगा. इस क्रम में इस साल के बाद लीप ईयर के तौर पर 2028, 2032, 2036, 2040 आएंगे। वहीं, अगर किसी साल को 100 से भाग दिया जा सकता हो, लेकिन 400 से नहीं, तो वो साल लीप ईयर नहीं होगा। उदाहरण के तौर पर 1300 की संख्या 100 से तो भाग दी जा सकती है, लेकिन 400 से नहीं। लिहाजा, ये लीप ईयर नहीं होगा।
लीप ईयर को लेकर अच्छी-बुरी धारणाएं (Leap Year)
लीप ईयर को लेकर अलग-अलग देशों में अलग धारणाएं प्रचलित है। कुछ देशों में 29 फरवरी को पैदा होने वाले लोगों को लीपर या लीपिंग भी कहा जाता है। इटली में माना जाता है कि लीप ईयर में महिलाएओं का व्यवहार खराब हो जाता है। वहीं, ग्रीस में लोग लीप ईयर में शादी करने से बचते हैं. ऐसे लोगों की संख्या भी कम नहीं है, जो लीप ईयर को अशुभ वर्ष मानते हैं। डेनमार्क में माना जाता है कि अगर लीप ईयर में कोई पुरुष महिला को ठुकराता है तो उसे 12 जोड़े ग्लव्स उपहार में देने पड़ते हैं।
एक भारतीय प्रधानमंत्री का हुआ था जन्म (Leap Year)
पूर्व पीएम देसाई के अलावा किसी भी प्रधानमंत्री का जन्म लीप दिवस को नहीं हुआ है। मोारारजी देसाई देस के पहले गैर-कांग्रेसी बने थे। उन्होंने आपातकाल के बाद हुए लोकसभा चुनाव में जनता पार्टी का नेतृत्व किया और 1977 में प्रधानमंत्री बने। उनके अलावा विश्वप्रसिद्ध भरतनाट्यम् नृत्यांगना रुक्मिणी देवी का जन्म भी 29 फरवरी को हुआ था।
क्यों कहा जाता है इसे ओलंपिक ईयर भी (Leap Year)
लीप ईयर को खेल की दुनिया में ओलंपिक ईयर भी कहा जाता है। दरअसल, लीप ईयर और आलंपिक हर चार साल बाद ही आते हैं। हालांकि, कोरोना महामारी के कारण इसमें फेरबदल करना पड़ा था। दरअसल, पिछले ओलंपिक गेम्स 2020 में होने थे, लेकिन, कोरोना माहामारी के कारण इनका आयोजन 2021 में किया गया था। वहीं, चीन में लीप ईयर को काफी अहमियत दी जाती है। लीप ईयर में चीन में जगह-जगह भव्य समारोह होते हैं।





