Khabarwala 24 News New Delhi: IND VS SA केएल राहुल की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका की सरज़मीं पर इतिहास रचा है। विराट कोहली के बाद के.एल राहुल दूसरे ऐसे भारतीय कप्तान बने, जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका को अफ्रीका में ही वनडे सीरीज़ हराई। इससे पहले यह 2018 में यह कारनामा विराट कोहली ने किया था। अब केएल राहुल की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने 3 मैचों की वनडे श्रंखला को 2-1 से अपने नाम किया है।
आपको बता दें कि 2018 में अफ्रीका की सरज़मीं पर विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने अफ्रीका को 6 मैचों की वनडे सीरीज़ में 5-1 से शिकस्त दी थी। भारतीय टीम ने 1992 से लेकर अब तक अफ्रीका के खिलाफ उन्हीं की सरज़मीं पर कुल 7 द्विपक्षीय वनडे सीरीज़ खेलीं, जिसमें उन्हें सिर्फ दो बार ही जीत मिली। पहली जीत कोहली की कप्तानी में आई थी और अब दूसरी जीत राहुल की कप्तानी में आई।
अफ्रीका में भारत-दक्षिण अफ्रीका द्विपक्षीय वनडे सीरीज़ के परिणाम (IND VS SA )
1992/93- दक्षिण अफ्रीका 5-2 से जीती
2006/07- दक्षिण अफ्रीका 4-0 से जीती
2010/11- दक्षिण अफ्रीका 3-2 से जीती
2013/14- दक्षिण अफ्रीका 2-0 से जीती
2017/18- भारत 5-1 से जीता
2021/22- दक्षिण अफ्रीका 3-0 से जीती
2023/24- भारत 2-1 से जीता
संजू सैमसन ने जड़ा तीसरे वनडे में शतक (IND VS SA )
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए तीसरे वनडे में संजू सैमसन ने शानदार शतक जड़ा, जिसकी बदौलत टीम इंडिया बड़ा टोटल बनाने में कामयाब रही। पहले बैटिंग करते हुए भारतीय टीम ने 50 ओवर में 8 विकेट पर 296 रन बोर्ड पर लगाए, जिसमें संजू सैमसन ने 114 गेंदों में 6 चौके और 3 छक्कों की मदद से 108 रनों की पारी खेली। इसके अलावा तिलक वर्मा ने 52 रनों की पारी खेली, जिसमें 5 चौके और 1 छक्का शामिल रहा।
टॉनी डी जोर्जी ने खेली शानदार पारी (IND VS SA)
लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम 45.5 ओवर में 218 रनों पर ही ऑलआउट हो गई। टीम के लिए सबसे बड़ी पारी टॉनी डी जोर्जी ने खेली। डी जोर्जी ने 87 गेंदों में 81 रन स्कोर किए, जिसमें 6 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। हालांकि जोर्जी की यह पारी टीम को जीत की दहलीज़ पार नहीं करा सकी।
शतक लगाने के बाद क्या बोले संजू सैमसन (IND VS SA )
संजू सैमसन ने कहा, ‘मैं वास्तव में बहुत भावुक महसूस कर रहा हूं। मैं इस शतक को हासिल करके बहुत खुश हूं। मैं शारीरिक और मानसिक रूप से बहुत मेहनत कर रहा हूं और अब मुझे खुशी भी है कि नतीजे मेरे अनुकूल आए हैं।’
संजू कहते हैं, ‘उन्होंने (दक्षिण अफ्रीकी) नई गेंद से वास्तव में अच्छी गेंदबाजी की। पुरानी गेंद के धीमी होते जाने के कारण बल्लेबाजी करना अधिक कठिन होता जा रहा था। केएल के आउट होने के बाद, उनके पास मोमेंटम था। महाराज बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे। लेकिन मैं और तिलक डटे रहे और आखिरी में सब कुछ हमारे पक्ष में गया। हम आज एक अतिरिक्त ऑलराउंडर के साथ खेल रहे थे। इसलिए मैंने और तिलक ने फैसला किया था कि हमें 40 वें ओवर से तेज बल्लेबाजी करना शुरू कर देंगे।’





