विकसित भारत का रोडमैप बनाने वाला यह बजट है: अश्विनी वैष्णव

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नई दिल्ली, 1 फरवरी (khabarwala24)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में पेश किए आम बजट में घोषणा की है कि देश में 7 नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे। इसे लेकर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह बजट विकसित भारत का रोडमैप बनाने वाला है।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने khabarwala24 से बातचीत करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में आपने देखा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय रेलवे को पूरी तरह से बदलने का वादा किया है। देश के रेल नेटवर्क में एक नई ऊर्जा और बेहतर सर्विस स्टैंडर्ड दिख रहे हैं। आज के रेल बजट में 2,78,000 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। इसके साथ ही, नए हाई-स्पीड कॉरिडोर और एक नए फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा की गई है।

चेन्नई, बेंगलुरु, और हैदराबाद मिलकर एक साउथ हाई-स्पीड ट्रायंगल या साउथ हाई-स्पीड डायमंड बनाएंगे, जो दक्षिण भारत के सभी पांच राज्यों कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा।

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चेन्नई-बेंगलुरु की यात्रा का समय घटकर सिर्फ 1.13 घंटे रह जाएगा। बेंगलुरु-हैदराबाद सिर्फ दो घंटे की यात्रा होगी। चेन्नई-हैदराबाद 2.55 घंटे की यात्रा होगी। चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाएं, बहुत बड़े शहर और आईटी टेक्नोलॉजी के बड़े हब हैं। इस हाई-स्पीड डायमंड को बनाने से दक्षिण भारतीय राज्यों में एक बड़ा ग्रोथ मल्टीप्लायर आएगा, जो देश के लिए अच्छा है और दक्षिण भारतीय राज्यों के सभी निवासियों के लिए बहुत अच्छा है। टूरिज्म को बहुत बढ़ावा मिलेगा। शहरों के बीच ग्रोथ कनेक्टर के तौर पर 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर कुछ इस प्रकार हैं।

मुंबई और पुणे को जोड़ने वाले कॉरिडोर में यात्रा का समय घटकर सिर्फ 48 मिनट रह जाएगा, जिससे दोनों शहर एक-दूसरे के बहुत करीब आ जाएंगे। इसी तरह पुणे से हैदराबाद की यात्रा में सिर्फ 1 घंटा 55 मिनट लगेंगे, जिससे मुंबई, पुणे और हैदराबाद को जोड़ने वाला एक बड़ा आर्थिक कॉरिडोर बनेगा।

दिल्ली से वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली को वाराणसी और उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश के कई शहरों से जोड़ेगा, दिल्ली और वाराणसी के बीच सिर्फ 3 घंटे 50 मिनट में यात्रा करने की सुविधा देगा। वाराणसी से पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक, पटना होते हुए यात्रा में सिर्फ 2 घंटे 55 मिनट लगेंगे। इससे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में हेल्थकेयर, शिक्षा और किसी भी अन्य मकसद के लिए यात्रा और एक्टिविटी में काफी बढ़ोतरी होगी और फायदा होगा। कुल मिलाकर लगभग 4000 किलोमीटर के सात नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे, और उनमें निवेश लगभग 16 लाख करोड़ रुपए होगा।

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एक नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बारे में भी एक बड़ी घोषणा की गई है। हम सभी वेस्टर्न कॉरिडोर की महत्वपूर्ण प्रगति के बारे में जानते हैं, जो पहले ही सैचुरेशन लेवल पर पहुंच चुका है। चार फ्रेट कॉरिडोर पहले से ही चालू हैं, और यह नया कॉरिडोर पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर को ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से होते हुए गुजरात के सूरत से जोड़ेगा, जहां यह वेस्टर्न कॉरिडोर से जुड़ेगा। इससे कोई भी इंडस्ट्री वेस्टर्न कॉरिडोर से जुड़कर अपने सामान को पश्चिमी तट पर किसी भी बंदरगाह पर भेज सकेगी, चाहे वह गुजरात में हो या महाराष्ट्र में। एक तरह से वेस्टर्न कॉरिडोर, ईस्टर्न कॉरिडोर और यह ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर यह 2052 किलोमीटर लंबा ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर और सात हाई-स्पीड कॉरिडोर-रेलवे को पूरी तरह से एक नया बदलाव और ऊर्जा देंगे।

उन्होंने रेलवे में सुरक्षा को लेकर कहा कि 2 लाख 78 हजार करोड़ का जो बजट है, इसमें 1 लाख 20 हजार करोड़ सुरक्षा से संबंधित गतिविधियों में जाएगा। 95 फीसदी सुरक्षा में सुधार हुआ है। आने वाले समय में और भी सुधार किया जाएगा। पीएम मोदी का विकसित रेल बनाने का संकल्प पूरा किया जाएगा। देश में वंदे भारत स्लीपर, वंदे भारत चेयर कार, अमृत भारत, और नमो भारत—इन सबका मैन्युफैक्चरिंग तेजी से हो रहा है।

उन्होंने इनकम टैक्स का जिक्र करते हुए कहा कि यूपीए की सरकार में महज 2 लाख रुपए की छूट थी। हमारी सरकार ने 12 लाख रुपए की छूट दी है। जीएसटी में सुधार किया है, जन-जन के जीवन में बदलाव आया है, और रोजगार के नए अवसर लाए गए हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, आईटी सर्विसेज, और डेटा सेंटर यह चार बड़े तकनीक से जुड़े हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में 40 हजार करोड़ रुपए का बजट आवंटन किया गया है। भारत की ऑरेंज इकोनॉमी में 20 लाख नए रोजगार उत्पन्न होंगे, और 15,000 हाई स्कूल और 500 कॉलेज में कंटेंट क्रिएटर लैब का निर्माण होगा।

वित्त मंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के लिए 40,000 करोड़ रुपए की घोषणा की और साथ ही सेमीकॉन 2.0 का भी ऐलान किया। यह हमारे देश और हमारे प्रधानमंत्री के विजन के लिए एक बड़ी उपलब्धि है कि सेमीकंडक्टर जैसा भविष्य का उद्योग, जो एआई को सपोर्ट करेगा, अर्थव्यवस्था को काफी बढ़ावा देगा। डेटा सेंटर एआई के नेतृत्व वाली पांचवीं औद्योगिक क्रांति की रीढ़ होंगे। आज की पॉलिसी घोषणा के बाद भारत सबसे बड़े डेटा सेंटर हब में से एक बन जाएगा। डेटा सेंटर को 20 साल की टैक्स छूट मिलेगी। यह एक बड़ा बदलाव होगा। कुल मिलाकर, क्रिएटर इकोनॉमी में 20 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने कहा कि यह बजट विकसित भारत की नींव रखने वाला सराहनीय बजट है।

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