नई दिल्ली, 13 फरवरी (khabarwala24)। संसद के बजट सत्र की कार्यवाही 9 मार्च तक स्थगित किए जाने के बाद भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का आचरण लोकतांत्रिक परंपराओं, संवैधानिक मर्यादाओं और संसद की नियमावली के खिलाफ है।
रविशंकर प्रसाद ने कहा, “राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस का जो व्यवहार रहा है, उससे साफ है कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और शुचिता को नहीं मानते। उनका रवैया ऐसा है कि जो मन में आएगा, वही करेंगे।”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस दिन संसद में हंगामा किया जा रहा था, उसी दिन महाराष्ट्र में कांग्रेस की हालत खराब हो गई और नगर निगम चुनावों में पार्टी साफ हो गई। अच्छा होता कि वे अपनी पार्टी की चिंता करते।
उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर गैर-जिम्मेदाराना बयान दिए। एक ऐसी किताब का हवाला दिया गया, जो अभी प्रकाशित ही नहीं हुई है। जब प्रकाशक ने साफ कहा कि किताब छपी नहीं है और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी, तब भी राहुल गांधी उसे दिखाते रहे। उन्हें बताना चाहिए कि वह किताब उन्हें कहां से मिली?
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी पहले भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को बदनाम कर चुके हैं। उन्होंने जॉर्ज सोरोस से जुड़े दस्तावेजों का जिक्र करते हुए कहा कि जिन कागजों की कोई विश्वसनीयता नहीं रही, उनका हवाला देकर देश की छवि खराब की गई।
भाजपा सांसद ने संसद के भीतर हुई घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “एक सिख मंत्री को देशद्रोही कहा गया, स्पीकर के लिए अपमानजनक शब्द इस्तेमाल किए गए, और महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री की सीट को घेर लिया। मैं खुद वहां बैठा था। अगर स्पीकर ने रोक नहीं लगाया होता तो कोई भी अप्रिय घटना हो सकती थी।”
रविशंकर प्रसाद ने इसे ‘शाहीन बाग’ जैसी स्थिति बताते हुए कहा कि संसद के अंदर इस तरह का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है।
भाजपा सांसद ने कहा कि राहुल गांधी मीडिया से भी सवालों का जवाब देने से बचते हैं और पत्रकारों को ‘भाजपा वाला’ कहकर टाल देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन में झूठ बोलना और लोकतंत्र को कमजोर करना बेहद पीड़ादायक है। भाजपा राहुल गांधी के इस अराजक, अलोकतांत्रिक और राजनीतिक रूप से असभ्य व्यवहार की कड़ी निंदा करती है। राहुल गांधी बिना क्षमता और प्रतिभा के विपक्ष के नेता बने हैं, लेकिन अब उन्हें जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना सीखना चाहिए।
उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के परनाना जवाहरलाल नेहरू, दादी इंदिरा गांधी और पिता राजीव गांधी भी संघ के आलोचक थे, लेकिन संघ ने 100 साल पूरे कर लिए हैं और आज वह दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन बन चुका है। संघ ने भारत के विकास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रवाद में बड़ी भूमिका निभाई है। आप तीन चुनावों से 100 का आंकड़ा भी पार नहीं कर पा रहे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने राहुल गांधी के कुछ पुराने बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक बार राहुल गांधी ने संविधान पर बोलते हुए कहा था कि ‘तपस्या से शरीर में गर्मी आती है।’ इस पर उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि हिमालय में साधना कर रहे संत यह सुनकर हैरान रह जाएंगे।
शंकर प्रसाद ने ‘वंदे मातरम’ के मुद्दे पर राहुल गांधी से सीधा सवाल किया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ को पूरा गाने का नोटिफिकेशन जारी हुआ है। राहुल गांधी, आप बताइए कि पूरा गीत गाया जाए या नहीं? यह वही गीत है जिसने स्वतंत्रता संग्राम के लाखों सेनानियों को प्रेरित किया था। आप कहां खड़े हैं?”
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


