मुंबई, 18 फरवरी (khabarwala24)। फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर फायरिंग मामले में अब तक 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। बीते सोमवार को मामले में 6 गिरफ्तारियां हुई थीं, जिन्हें 25 फरवरी तक के लिए रिमांड पर भेज दिया गया है, लेकिन अब मुंबई क्राइम ब्रांच की पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
क्राइम ब्रांच का कहना है कि उत्तर प्रदेश से पकड़े गए आरोपी विष्णु कुशवाह ने ही सारे आरोपियों को रिक्रूट किया था और मोटे पैसों का लालच दिया था।
क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के अनुसार फायरिंग के मास्टरमाइंड शुभम लोनकर और आरोपी विष्णु कुशवाहा ने मिलकर घटना को अंजाम दिया। विष्णु ने शूटर दीपक शर्मा, सनी कुमार और सोनू कुमार समेत बाकी आरोपियों को रिक्रूट और उनका ब्रेनवाश भी किया। सामने आई जानकारी के मुताबिक विष्णु ने आरोपियों को हिंदुत्व और धर्म की बड़ी-बड़ी बातें और लाखों रुपयों का लालच दिया था। क्राइम ब्रांच को यह शक है कि फायरिंग के पहले शूटर दीपक शर्मा को पिस्टल चलाने की ट्रेनिंग दी गई थी, हालांकि यह ट्रेनिंग उसे कहां और किस जगह पर दी गई थी, इस संबंध में क्राइम ब्रांच और यूपी एसटीएफ की टीमें लगातार जांच कर रही हैं और सबूत जुटाने की कोशिश कर रही हैं।
जांच में ये बात भी सामने आई है कि शुभम लोनकर ने विष्णु को और विष्णु ने अन्य आरोपियों को पैसे भेजे और काम खत्म हो जाने के बाद मोटी रकम देने का वादा भी किया था। विष्णु कुशवाहा पिछले कुछ सालों से बिश्नोई गैंग के संपर्क में था और उन्हीं के लिए प्रदेश में काम कर रहा है। क्राइम ब्रांच की जानकारी के मुताबिक घटना को अंजाम देने के लिए बिश्नोई गैंग के लोग युवा और बेरोजगार लोगों को टारगेट करते और मोटा पैसा देने का लालच देकर अपना काम करवाते हैं। आरोपी विष्णु ने यूपी और हरियाणा के 6 आरोपियों को चुना, जो पहले ही बिश्नोई गैंग से प्रभावित थे और सोशल मीडिया पर कट्टों और बंदूकों के साथ रील पोस्ट करते थे।
विष्णु कुशवाहा ने शूटर दीपक और बाकी आरोपियों को बिश्नोई गैंग के लिए काम करने और कम समय में अमीर बनने का सपना दिखाया। लॉरेंस की इमेज से प्रभावित होकर शूटर दीपक शर्मा और अन्य आरोपियों ने गैंग में शामिल होने के लिए हामी भर दी।
क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने बताया कि हरियाणा और यूपी से गिरफ्तार किए गए सातों आरोपियों को यह जानकारी थी कि टारगेट कौन है। रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग के बाद जब शूटर और उसके दो साथी आगरा और आगरा से नोएडा पहुंचे थे, तो उन्हें पनाह देने वाले आरोपी जतिन और विशाल को भी पता था कि वे रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग को अंजाम देकर आए हैं। घटना को अंजाम देने के समय सभी आरोपियों ने अपने फोन को बंद रखा था। यही कारण था कि पुलिस को लोकेशन पता लगाने में इतना ज्यादा समय लग गया।
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