अहमदाबाद, 19 फरवरी (khabarwala24)। भाजपा प्रवक्ता रोहन गुप्ता ने तेलंगाना सरकार द्वारा रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को शाम 4 बजे कार्यालय से जाने की अनुमति देने के फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस कदम को ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ बताते हुए कहा कि जहां-जहां कांग्रेस की सरकार होती है, वहां इस तरह की नीतियां देखने को मिलती हैं।
रोहन गुप्ता ने कहा कि धर्म के नाम पर राजनीति करना संविधान के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी लंबे समय से तुष्टिकरण की राजनीति करती रही है और यही उसकी राजनीतिक रणनीति का आधार रहा है। संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण या विशेष प्रावधान का उल्लेख नहीं है, फिर भी ऐसे फैसले बार-बार क्यों लिए जाते हैं, यह सवाल उठता है।
उन्होंने आगे कहा कि मुस्लिम समाज अब यह समझ चुका है कि केवल आश्वासन देने से विकास नहीं होता। तुष्टिकरण की राजनीति देश के हित में नहीं है और यह संविधान के मूल सिद्धांतों के भी विरुद्ध है।
शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र ‘सामना’ में कांग्रेस के नेतृत्व पर उठे सवाल को लेकर रोहन गुप्ता ने विपक्षी गठबंधन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अवसरवादी राजनीति को देश की जनता स्वीकार नहीं करती। जनता ने ऐसे गठबंधनों को पहले ही नकार दिया है और विकास आधारित राजनीति को समर्थन दिया है।
रोहन गुप्ता ने तंज कसते हुए सवाल उठाया कि क्या ‘ठगबंधन’ से देश का फायदा हो सकता है? इंडिया ब्लॉक का उद्देश्य सिर्फ सत्ता को हासिल करना रह गया है और ऐसे लोगों को जनता सत्ता में आने ही नहीं देती। कितने भी डब्बे बदल लें, कांग्रेस का मॉडल फेल हो चुका है।
उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों का बचाव करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू योजनाएं संविधान की भावना के अनुरूप हैं और जनता के हित में बनाई गई हैं। जनता का विश्वास सरकार पर बना हुआ है और यही कारण है कि लोग विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई समिट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस वैश्विक मंच पर दुनिया के तकनीकी विशेषज्ञ, विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, बड़ी कंपनियों के सीईओ और शीर्ष प्रबंधन के लोग शामिल हुए। यह भारत के लिए गर्व का क्षण है कि एआई के क्षेत्र में देश अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
रोहन गुप्ता ने बताया कि लगभग 70 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में आयोजित इस समिट में 300 से अधिक प्रदर्शक और 30 से ज्यादा देशों की भागीदारी रही। हजारों छात्र, विश्वविद्यालय और कंपनियां इसमें शामिल हुईं और कृषि, फार्मा, तकनीक सहित कई क्षेत्रों में एआई के उपयोग पर अपने नवाचार प्रस्तुत किए।
उन्होंने कहा कि इतने बड़े वैश्विक आयोजन के बीच अनावश्यक विवाद खड़ा करना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे देश की छवि प्रभावित होती है। भाजपा प्रवक्ता ने विपक्ष से राजनीति से ऊपर उठकर तकनीकी प्रगति और राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देने की बात कही।
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