नई दिल्ली, 28 जनवरी (khabarwala24)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण के बीच संसद में बुधवार को विपक्षी दलों ने हंगामा किया। बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने ‘जी राम जी’ योजना की प्रशंसा की थी। इस पर विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा करते हुए नई योजना को वापस लेने की मांग की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा, “ग्रामीण इलाकों में रोजगार और विकास के लिए विकसित भारत-ग्राम कानून बनाया गया है।” इस पर जैसे ही भाजपा-एनडीए सांसदों ने तारीफ में मेजें थपथपाईं, विपक्षी सांसद खड़े हो गए और कानून वापस लेने की मांग करते हुए विरोध जताया। हंगामे के कारण राष्ट्रपति को अपना अभिभाषण रोकना पड़ा।
हंगामे के बीच कुछ देर बाद राष्ट्रपति ने कहा, “इस नए सुधार से गांवों में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। भ्रष्टाचार और लीकेज को रोकना सुनिश्चित हो पाएगा। इससे गांवों को नई गति मिलेगी। किसान, पशुपालन और मछुआरे वर्ग के लोगों को अनेक सुविधाएं मिलेंगी।”
उन्होंने कहा कि सरकार कृषि और पशुपालन जैसे सेक्टर में सहकारिता आंदोलन को सशक्त बना रही है। त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी से सहकारिता से जुड़े लोगों को सीखने और आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। इसके अलावा, 10 हजार से ज्यादा एफपीओ के माध्यम से कृषि क्षेत्र को सशक्त किया जा रहा है।
अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार के प्रयासों को सराहा। उन्होंने कहा, “सरकार मानती है कि देश का विकास सभी देशवासियों को आगे बढ़ने का समान अधिकार देकर ही संभव है। इसलिए देश ‘वूमेन एंड डेवलपमेंट’ मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। सरकार ने महिलाओं के लिए समर्पित अनेक योजनाएं बनाई हैं। साथ ही, अन्य योजनाओं के केंद्र में भी महिलाओं को रखा गया है।”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आगे कहा कि आवास योजना से लेकर जल जीवन मिशन तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उन्हें स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा है। देश में लखपति दीदियों की संख्या भी दो करोड़ से अधिक हो चुकी है। सरकार तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य को जल्द पूरा करेगी।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


