भुवनेश्वर, 11 मार्च (khabarwala24)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मध्य पूर्व में जारी युद्ध जैसी स्थिति के कारण राज्य के कई लोग फंसे होने की खबरों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने राज्य के नागरिकों की सुरक्षित वापसी पर जोर देते हुए मुख्य सचिव अनु गर्ग को स्थिति पर करीबी निगरानी रखने और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद, 2 मार्च को मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में उच्च-स्तरीय बैठक हुई, जिसमें मध्य पूर्व संकट से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में ओड़िया भाषा, साहित्य और संस्कृति विभाग के ओडिशा परिवार निदेशालय में विशेष पदाधिकारी प्रितीश पांडा को सहायता प्रयासों का समन्वयक (नोडल ऑफिसर) नियुक्त किया गया।
अब तक, ओडिशा परिवार निदेशालय को मध्य पूर्व में रहने वाले ओड़िया नागरिकों से लगभग 200 फोन कॉल्स मिली हैं, जिनमें उन्हें मदद की आवश्यकता बताई गई। निदेशालय विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर उनकी सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया में लगा हुआ है। विदेश मंत्रालय ने भी एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया है और क्षेत्र में फंसे भारतीयों की मदद के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-11-8797 जारी किया है।
ओडिशा परिवार निदेशालय दुबई, अबू धाबी और बहरीन जैसे शहरों में ओड़िया संघों के पदाधिकारियों से संपर्क में है, ताकि वहां रहने वाले ओड़िया नागरिकों की स्थिति के बारे में ताजा जानकारी मिलती रहे। पहले 35 ओड़िया पर्यटक दुबई में फंसे थे। इनमें से नौ 7 मार्च को कोच्चि होते हुए भुवनेश्वर लौटे। बाकी पर्यटक 8 मार्च को मुंबई होते हुए एयर इंडिया एक्सप्रेस की विशेष उड़ान से भुवनेश्वर पहुंचे।
विदेश मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, अब तक लगभग 65,000 भारतीय नागरिक विशेष उड़ानों के माध्यम से मध्य पूर्व से सुरक्षित भारत लौट चुके हैं।
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