श्रीनगर, 18 फरवरी (khabarwala24)। जम्मू में यूजीसी गाइडलाइन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक तनवीर सादिक ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में किसी भी विचार को थोपना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान हर धर्म को अपने अधिकार देता है और किसी पर निर्णय थोपना लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है।
तनवीर सादिक ने घुसपैठियों को रोजगार न देने संबंधी टिप्पणी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह तय कैसे होगा कि घुसपैठिया कौन है? यदि किसी समुदाय को सामूहिक रूप से संदेह के दायरे में रखा जाता है तो यह गलत और अनुचित है।
वहीं पीडीपी विधायक आगा सैयद मुंतजिर मेहदी ने कहा कि कानून का उद्देश्य लोगों के अधिकारों की रक्षा करना होता है, न कि किसी विशेष वर्ग को दंडित करना। उन्होंने यूजीसी से जुड़े प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कदम एक वर्ग को संतुष्ट करने और दूसरे को दंडित करने की भावना से प्रेरित प्रतीत होता है।
दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि यूजीसी के नियमों का पालन होना चाहिए और इसमें विवाद की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र को राजनीति से दूर रखना चाहिए और संस्थानों में शैक्षणिक व्यवस्था सर्वोपरि होनी चाहिए।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने यूजीसी गाइडलाइन से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा था कि कानून सभी को मानना चाहिए और यदि कानून गलत है तो उसे बदलने का संवैधानिक तरीका मौजूद है। उन्होंने यह भी कहा कि जातियां संघर्ष का कारण नहीं बननी चाहिए और समाज में अपनत्व का भाव मजबूत होना चाहिए।
भागवत ने कहा था कि जो लोग पीछे रह गए हैं, उन्हें आगे बढ़ाने के लिए समाज को झुककर सहयोग करना चाहिए। समाज में समन्वय से ही प्रगति संभव है, संघर्ष से नहीं। एक को दबाकर दूसरे को आगे बढ़ाने की मानसिकता समाज को कमजोर करती है। उन्होंने ये बातें लखनऊ के सरस्वती शिशु मंदिर, निराला नगर में आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक के दौरान कहीं थीं।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


