मुंबई, 26 फरवरी (khabarwala24)। मुंबई की एक सत्र अदालत ने शिवसेना (यूबीटी) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत को मानहानि के एक मामले में बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया है। यह मामला मेधा सोमैया द्वारा दायर किया गया था, जो भाजपा नेता किरीट सोमैया की पत्नी हैं।
मेधा सोमैया मानहानि मामले में सत्र न्यायालय द्वारा बरी किए जाने पर संजय राउत ने कहा, “मुझे राहत मिली है। निचली अदालत ने मुझे 15 दिन की सजा दी थी। मीरा भायंदर नगर निगम में एक घोटाला हुआ था, और वो मैंने नहीं बोला, इस पर विधानसभा में चर्चा हुई। वहां के विधायक प्रताप सरनाईक ने भी इस पर शिकायत दर्ज की है। उस आधार पर मैंने वक्तव्य दिया था, इसलिए मानहानि का कोई सवाल ही नहीं उठता। लेकिन निचली अदालत ने मुझे 15 दिन जेल की सजा दी। हमारे वकीलों ने कोर्ट में अपनी बात सामने रखी। आज मैं बहुत खुश हूं और मेरी पार्टी भी खुश है कि कोर्ट ने हमें निर्दोष बताया है।”
मेधा सोमैया ने आरोप लगाया था कि संजय राउत ने मीडिया में उनके और उनके पति के खिलाफ झूठे और अपमानजनक बयान दिए थे। संजय राउत ने उन पर मीरा-भायंदर नगर निगम क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण के नाम पर 100 करोड़ रुपए के कथित घोटाले का आरोप लगाया था। सोमैया का कहना था कि ये आरोप पूरी तरह निराधार हैं और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से लगाए गए।
इस मामले में पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट ने संजय राउत को मानहानि का दोषी ठहराया था। अदालत ने उन्हें 15 दिन की सजा सुनाई थी और 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था। हालांकि, ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए सजा पर अस्थायी रोक लगा दी गई थी। इसके बाद राउत ने सत्र न्यायालय में इस फैसले को चुनौती दी थी।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिस पर अदालत ने गुरुवार को अपना निर्णय सुनाते हुए मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले को पलट दिया और संजय राउत को आरोपों से बरी कर दिया।
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