भोपाल, 21 फरवरी (khabarwala24)। मध्य प्रदेश कांग्रेस के विधायक हेमंत कटारे ने उपनेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफे को लेकर अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि वे पद से नहीं, जनता के विश्वास से ताकत लेते हैं और वही विश्वास उनकी सबसे बड़ी शक्ति है।
अटेर विधानसभा से विधायक हेमंत कटारे ने शनिवार को ‘फेसबुक’ पर लिखा, “कांग्रेस मेरे स्वर्गीय पिताजी की विरासत है। और हां, मेरे फोन न उठाने पर कृपया भारी-भरकम कयास ना लगाएं।”
उन्होंने पोस्ट में लिखा, “शादी की सालगिरह पर परिवार के साथ समय बिताना कोई राजनीतिक साजिश नहीं, बल्कि मेरा मूलभूत और संवैधानिक अधिकार भी है। नेता भी इंसान होते हैं।”
कटारे ने आगे कहा, “भाजपाइयों, ज्यादा खुशफहमी पालने की जरूरत नहीं है। सोमवार से सदन में पूरी तैयारी, पूरे दस्तावेज व पूरी ताकत के साथ उपस्थित रहूंगा और हमेशा की तरह आपको धोने का कार्य करूंगा। चाहे मुद्दा गोमांस का हो, इंदौर के भागीरथपुरा का हो, शंकराचार्य जी के अपमान का हो या जहरीली हवा-दवा-पानी और सरकार के भ्रष्टाचार का, हर विषय पर तर्क, प्रमाण और जनता की आवाज के साथ आपके भ्रष्टाचार की परतें खोलूंगा।”
उन्होंने आखिर में लिखा, “तैयारी मजबूत रखिएगा, क्योंकि मैं पद से नहीं, जनता के विश्वास से ताकत लेता हूं और वही विश्वास मेरी सबसे बड़ी शक्ति है।”
बता दें कि हेमंत कटारे ने ‘पारिवारिक जिम्मेदारियों’ और अपने चुनाव क्षेत्र के कामों के लिए पर्याप्त समय न दे पाने का हवाला देते हुए गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दिया। अटेर सीट से विधायक कटारे ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी और विपक्ष के नेता उमंग सिंघार को अपना इस्तीफा सौंपा।
संगठन महासचिव डॉ. संजय कामले ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि कटारे ने मौजूदा हालात में अपनी निजी मजबूरियों पर जोर दिया, जिससे इस रोल को अच्छे से निभाना मुश्किल हो गया। कामले ने साफ किया कि इस्तीफा सिर्फ उपनेता के पद तक ही है और इससे कटारे की कांग्रेस पार्टी में सदस्यता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
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