भोपाल, 9 मार्च (khabarwala24)। मध्य प्रदेश के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के जूनियर डॉक्टर सरकार द्वारा घोषित नया स्टाइपेंड न मिलने पर हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल का स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है क्योंकि इस हड़ताल से ओपीडी में मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। वहीं आवश्यक ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
राज्य के चिकित्सा महाविद्यालय में लगभग आठ हजार जूनियर डॉक्टर को राज्य सरकार ने अप्रैल 2025 से उन्हें नया स्टाइपेंड देने का ऐलान किया था। जूनियर डॉक्टर का आरोप है कि सरकार द्वारा घोषित इस स्टाइपेंड का उन्हें लाभ नहीं मिल रहा है, उन्हें लंबित एरियर्स भी नहीं मिला है। लिहाजा, उन्होंने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है।
जूनियर डॉक्टर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन का कहना है कि उनकी ओर से लगातार सरकार से पूर्व से घोषित इस स्टाइपेंड देने का आग्रह किया जा रहा था, मगर सरकार की ओर से उनकी मांगों को अनसुना किया गया।
इसी के चलते उन्होंने रविवार को मार्च निकाला था और सरकार को चेतावनी भी दी थी, उसके बावजूद उनकी मांग पर गौर नहीं किया गया, और अब वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। बताया गया है कि मरीजों का ध्यान रखते हुए जूनियर डॉक्टर ने इमरजेंसी ऑपरेशन में किसी भी तरह का अवरोध पैदा नहीं किया है, जबकि सामान्य ऑपरेशन रोक दिए गए हैं और ओपीडी में भी उपचार नहीं हो रहा है।
हड़ताल को रेजिडेंट डॉक्टर और अन्य का पूरा समर्थन हासिल है। दूसरी ओर, सरकार की ओर से हड़ताल पर गए जूनियर डॉक्टर से संवाद करने के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला भोपाल से बाहर हैं और संभावना इस बात की जताई जा रही है कि हड़ताली डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल से उनकी जबलपुर में मुलाकात हो सकती है।
–khabarwala24
एसएनपी/एएस
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


