भोपाल, 12 फरवरी (khabarwala24)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य के विकास में सभी को पूरी क्षमता से काम करना होगा और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
राजधानी के रवीन्द्र भवन में लोक निर्माण विभाग अन्तर्गत मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा आयोजित एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि निर्माण सिर्फ ईंट-पत्थर का संयोजन नहीं, एक अभिनव कला है। इसमें उत्कृष्ट दृष्टिकोण के साथ दीर्घकालिक कार्य योजना को अपनाया जाना चाहिए। बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप अब हर निर्माण कार्य में आम सहमति और गुणात्मक दृष्टिकोध्स अनिवार्य रूप से दिखाई देना चाहिए। गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए। प्रदेश के विकास के लिए हम सभी को पूरी क्षमता दक्षता से काम करना होगा।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि वैचारिक प्रतिबद्धता और कार्यशैली में जड़ता से बचने और बदलती तकनीकों के अनुरूप स्वयं को अद्यतन रखने के लिए कौशल संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। ऐसी कार्यशालाएं अभियंताओं की स्किल्स को रिफ्रेश करती हैं और उन्हें नई ऊर्जा प्रदान करती हैं।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में पीएम गतिशक्ति योजना के माध्यम से लोक निर्माण विभाग नवाचारों को धरातल पर उतार रहा है। वर्तमान समय में हमारे इंजीनियर्स साक्षात् भगवान विश्वकर्मा के अवतार हैं। लोक निर्माण विभाग ने पिछले दो वर्षों के कार्यों के आधार पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। राज्य के इंजीनियर्स ने सांदीपनि विद्यालय सहित बड़े-बड़े अधोसंरचनात्मक विकास के निर्माण कार्य किए हैं। सड़क, पुल, स्टेडियम और भवन जैसे निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के माध्यम से ही किये जाते हैं। इंजीनियर्स को अपना काम करने में अनेक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यह केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि विभाग की उस निरंतर सुधार यात्रा का प्रतीक है जिसमें नई सोच, नई प्रणाली और उच्च गुणवत्ता के साथ लोक निर्माण विभाग आगे बढ़ रहा है। कार्यशाला में प्रशिक्षण कैलेंडर एवं प्रोजेक्ट मैनेजमेंट मैन्युअल का विमोचन किया गया तथा पीएमएस पोर्टल-2.0 डिजिटल प्रबंधन प्रणाली को प्रेजेंटेशन के साथ लॉन्च किया गया।
साथ ही, म.प्र. सड़क विकास निगम एवं म.प्र. भवन विकास निगम द्वारा सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) नई दिल्ली, इंडियन एकेडमी ऑफ हाईवे इंजीनियर्स (आईएएचई) नई दिल्ली, इंजीनियरिंग स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया (ईएससीआई), हैदराबाद, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) मुंबई तथा म.प्र. भवन विकास निगम द्वारा योजना तथा वास्तुकला विद्यालय भोपाल (एस.पी.ए.) के साथ एमओयू किए गए।
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