CLOSE

कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता गामिनी ने दिया तीन और शावकों को जन्म, देश में चीतों की संख्या 38 हुई

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now
-Advertisement-

नई दिल्ली, 18 फरवरी (khabarwala24)। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता गामिनी ने तीन शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 38 हो गई है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने लिखा, “दक्षिण अफ्रीका से चीतों के आगमन के तीन वर्ष पूर्ण होने पर कूनो में तीन नए शावकों का स्वागत एक नया अध्याय है।”

उन्होंने आगे लिखा कि यह खुशी की बात है कि भारत की धरती पर चीतों का यह नौवां सफल शावकों का झुंड है और इससे भारत में जन्मे शावकों की संख्या 27 हो गई है। इन नए शावकों के साथ, भारत में चीतों की कुल आबादी अब 38 हो गई है – जो देश के पक्के इरादे और ऐतिहासिक संरक्षण की कोशिशों का एक मजबूत प्रतीक है।

- Advertisement -

भूपेन्द्र यादव ने कहा, “हर बर्थ प्रोजेक्ट चीता की नींव को मज़बूत करता है और फील्ड स्टाफ और जानवरों की टीमों के जुनून, लगन और चौबीसों घंटे की लगन को दिखाता है, जिन्होंने इस सपने को हकीकत में बदला है। कुनो और भारत के लिए गर्व का पल- भगवान करे गामिनी और उसके तीन छोटे शावक मजबूत बनें और देश में चीता को फिर से ज़िंदा करने की कहानी को तेज़ी और शान से आगे बढ़ाएं।”

उन्होंने कहा कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में जन्मे ये नन्हे ‘स्प्रिंटर्स’ देश में चीता पुनर्वास की दिशा में बढ़ते कदम का प्रतीक हैं। यह क्षण न केवल कूनो बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। विशेषज्ञों को उम्मीद है कि गामिनी और उसके शावक स्वस्थ रहेंगे और भारत में चीता संरक्षण की कहानी को नई गति देंगे।

बता दें कि यह गामिनी का दूसरा प्रसव है और इसके साथ ही कूनो में चीतों के संरक्षण अभियान को एक नई मजबूती मिली है। गामिनी के इन शावकों के जन्म के साथ ही भारत में चीतों का यह नौवां सफल प्रसव दर्ज किया गया है। अब तक भारत में जन्मे जीवित शावकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है, जबकि देश में चीतों की कुल संख्या 38 तक पहुंच गई है।

- Advertisement -

यह उपलब्धि ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत चल रहे ऐतिहासिक संरक्षण प्रयासों का सशक्त प्रमाण मानी जा रही है। प्रत्येक नया जन्म न केवल परियोजना की नींव को मजबूत करता है, बल्कि वन विभाग के फील्ड स्टाफ और पशु चिकित्सा टीमों की अथक मेहनत, समर्पण और चौबीसों घंटे की निगरानी को भी दर्शाता है।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

- Advertisement -
spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

-Advertisement-

Related News

-Advertisement-

Breaking News

-Advertisement-