पीएमके: ‘आम’ सिंबल आवंटन को चुनौती देने वाली याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई 2 फरवरी को

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now
-Advertisement-

चेन्नई, 1 फरवरी (khabarwala24)। मद्रास हाईकोर्ट 2 फरवरी को पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के संस्थापक एस. रामदास की एक अहम याचिका पर सुनवाई करेगा। इस याचिका में उन्होंने चुनाव आयोग के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें पार्टी अध्यक्ष अंबुमणि रामदास को भेजे गए एक कम्युनिकेशन के जरिए पार्टी को ‘आम’ चुनाव चिन्ह अलॉट किया गया था।

इस मामले ने राजनीतिक अहमियत ले ली है, क्योंकि यह पीएमके के अंदर बढ़ते नेतृत्व विवाद के बीच सामने आया है।

अपनी याचिका में एस. रामदास ने भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) की ओर से जारी एक पत्र की वैधता पर सवाल उठाया है, जिसमें कहा गया था कि आम का सिंबल पीएमके को अलॉट किया गया था और इसकी जानकारी उनके अधिकृत एजेंट के जरिए अंबुमणि रामदास को दी गई थी।

- Advertisement -

न्यायिक दखल की मांग करते हुए रामदास ने कोर्ट से पत्र को रद्द करने और चुनाव आयोग को सभी सिंबल से जुड़े कम्युनिकेशन सिर्फ उनके अधिकृत एजेंट को जारी करने का निर्देश देने का आग्रह किया है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि अंबुमणि रामदास का पीएमके अध्यक्ष के तौर पर कार्यकाल मई 2025 में खत्म हो गया था। इसके बावजूद यह दावा किया गया है कि उन्होंने चुनाव आयोग के सामने जाली और मनगढ़ंत दस्तावेज पेश किए, जिसमें कहा गया कि वह अभी भी इस पद पर बने हुए हैं।

इसी आधार पर याचिकाकर्ता का कहना है कि अंबुमणि के पास पार्टी के चुनाव चिन्ह से जुड़े किसी भी आधिकारिक संचार को प्राप्त करने या उस पर कार्रवाई करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।

- Advertisement -

रामदास ने आगे यह भी तर्क दिया है कि अंबुमणि पार्टी के संस्थापक की सहमति या मंजूरी के बिना संगठनात्मक बैठकें बुलाकर पार्टी पर नियंत्रण का दावा नहीं कर सकते।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि ऐसी बैठकें पीएमके के आंतरिक संविधान और स्थापित संगठनात्मक नियमों का उल्लंघन करके आयोजित की गईं। इसलिए इनका इस्तेमाल नेतृत्व का दावा करने या पार्टी के चुनाव चिन्ह पर अधिकार जताने के लिए नहीं किया जा सकता।

याचिका में उठाया गया एक और मुख्य मुद्दा दिल्ली हाईकोर्ट के सामने पहले हुई कार्यवाही से संबंधित है।

इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एम.एम. श्रीवास्तव और जस्टिस जी. अरुल मुरुगन की डिवीजन बेंच करेगी। सुनवाई के नतीजे का पीएमके के अंदर चल रही सत्ता की लड़ाई और उसके भविष्य के संगठनात्मक ढांचे पर दूरगामी असर पड़ने की उम्मीद है।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

- Advertisement -
spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

-Advertisement-

Related News

-Advertisement-

Breaking News

-Advertisement-