बेंगलुरु, 2 फरवरी (khabarwala24)। कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने सोमवार को कहा कि कर्नाटक हेट स्पीच और हेट क्राइम्स (प्रिवेंशन) बिल, 2025 को लागू करने की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है। उन्होंने बताया कि राज्यपाल ने इस विधेयक के 28 प्रावधानों पर सवाल उठाए हैं और इसे आगे की समीक्षा के लिए राष्ट्रपति के पास भेज दिया है।
गृह मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा, “यह बिल राष्ट्रपति को भेजा गया है, जिससे इसके लागू होने में देरी हो सके। अब देखते हैं आगे क्या होता है। अगर राष्ट्रपति इसकी समीक्षा कर इसे वापस भेजते हैं, तो हम जरूरी बदलाव करेंगे और फिर से इसे भेजेंगे।”
गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं है कि कोई भी कुछ भी कह दे, बिना यह सोचे कि उसका समाज पर क्या असर पड़ेगा। उन्होंने कहा, “किसी समुदाय का अपमान करना और व्यक्तिगत हमले करना समाज में अशांति पैदा कर सकता है। कुछ जगहों पर भाषणों के बाद जो हालात बने, हमने उन्हें देखा है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह हेट स्पीच बिल लाया गया है। क्या कोई भी कुछ भी कहकर समाज में तनाव फैला सकता है?”
उन्होंने उद्योगपति सीजे रॉय के आत्महत्या मामले पर भी बयान दिया। परमेश्वर ने कहा कि इस मामले में अटकलों और अफवाहों को रोकने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा, “एसआईटी की रिपोर्ट आने दीजिए। हमें देखना होगा कि इस पूरे मामले में किसकी क्या भूमिका रही।”
केंद्रीय बजट 2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि लोगों को देश के विकास को लेकर इस बजट से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वे पूरी नहीं हो सकीं। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए इस बजट को उनके अब तक के नौ बजटों में सबसे कमजोर बजट बताया।
गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि पहले के बजटों में कृषि और उद्योग को उचित महत्व दिया जाता था और गरीबी हटाने के लिए कई कार्यक्रमों की घोषणा होती थी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) शुरू की थी, जो दुनिया में एक अनोखी पहल थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब इन सबको नजरअंदाज कर दिया गया है, जिससे पूरा देश निराश है।
उन्होंने कहा कि कुल 53.50 लाख करोड़ रुपए के बजट में से केंद्र सरकार ने 16 लाख करोड़ रुपए उधार लिए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इतना बड़ा कर्ज लेने के बाद विधानसभा में हमें उपदेश दिए जाते हैं। इतना उधार लेकर जनता को आखिर दिया क्या गया?
गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने दावा किया कि कर्नाटक के लिए इस बजट में कुछ भी खास नहीं दिया गया और एक भी बड़ा प्रोजेक्ट घोषित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि बजट में सिंचाई, कृषि और बुनियादी ढांचे पर ध्यान देना चाहिए था। उन्होंने पूछा, “बिना किसी नई योजना के क्या इसे बजट कहा जा सकता है?”
शिक्षा क्षेत्र पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया भर में शिक्षा तेजी से बदल रही है, लेकिन देश में इसे पीछे धकेल दिया गया है। कर्नाटक को आईआईटी और एम्स जैसे संस्थानों की उम्मीद थी, लेकिन इसके बजाय सिर्फ प्लास्टिक और पटाखों की कीमतें कम करने की बात की गई। उन्होंने इस बजट को निराशाजनक बताया।
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