कोलकाता, 1 फरवरी (khabarwala24)। कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके में स्थित आनंदपुर गोदामों में आग लगने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है, जबकि 25 लोग अभी भी लापता हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि शनिवार को आनंदपुर के जले हुए गोदामों से दो और लोगों के शव बरामद किए गए, जिससे मरने वालों की संख्या 27 हो गई है। इस बीच, घटना के एक हफ्ते बाद एसआईटी के गठन से इतने लंबे समय बाद अधिकारियों के अचानक एक्टिव होने पर सवाल उठ रहे हैं।
26 जनवरी की सुबह पुष्पांजलि डेकोरेटर के गोदाम और वाओ मोमो फैक्ट्री में आग लग गई थी। 32 घंटे तक युद्धस्तर पर काम करने के बावजूद, फायर सर्विस आग पर आसानी से काबू नहीं पा सकी।
भयानक आग लगने के एक हफ्ते बाद बारुईपुर जिला पुलिस ने आखिरकार एक एसआईटी बनाने का फैसला किया है। यह पांच सदस्यों की टीम है जिसका नेतृत्व बारुईपुर जिला पुलिस एसपी शुभेंदु कुमार कर रहे हैं। इस टीम में एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस, डीएसपी क्राइम, डीईबी इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर रैंक का एक और पुलिस अधिकारी भी शामिल है।
आग लगने की घटना के बाद से मशहूर मोमो बनाने वाली कंपनी जांच के घेरे में आ गई है। कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। फैक्ट्री के रिक्लेम्ड वेटलैंड पर बने होने के आरोप लगे हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि एसआईटी हर चीज की जांच करेगी, जिसमें फॉरेंसिक रिपोर्ट की जांच करना, मृतकों का डीएनए टेस्ट करना और फैक्ट्री में हुई गड़बड़ियों की पहचान करना शामिल है।
आपको बताते चलें, पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में पहले ही दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। नरेंद्रपुर पुलिस ने मोमो बनाने वाली कंपनी के मैनेजर और डिप्टी मैनेजर को गिरफ्तार किया है। इससे पहले, पुष्पांजलि डेकोरेटर के गोदाम के मालिक गंगाधर दास को गिरफ्तार किया गया था।
इस घटना के कारण तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग भी शुरू हो गई है, जिसमें भाजपा ने ममता बनर्जी सरकार पर घटना के पीछे असली दोषियों को बचाने का आरोप लगाया है।
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