भोपाल, 16 फरवरी (khabarwala24)। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, तत्परता और जन कल्याण को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने भोपाल के पंजीकरण भवन में साइबर पंजीकरण कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद यह बात कही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि सरकार कागज रहित और नकदी रहित प्रक्रियाओं को प्रोत्साहित कर रही है, जो पर्यावरण स्थिरता और नई पीढ़ी के लिए पारदर्शिता के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगी।
उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति के माध्यम से मध्य प्रदेश भारत का पहला राज्य बन गया है, जिसने ऋण, मुख्तियारनामा, खनन पट्टे, शपथ पत्र, पावर ऑफ अटॉर्नी और साझेदारी विलेख सहित 75 से अधिक सेवाओं के लिए साइबर पंजीकरण शुरू किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संपदा 1.0 और संपदा 2.0 (ऑनलाइन पोर्टल) के शुभारंभ के बाद, राज्य में साइबर पंजीकरण प्रक्रिया की शुरुआत प्रौद्योगिकी-आधारित शासन में एक नई शुरुआत है।
इस अवसर पर मोहन यादव ने घोषणा की कि सरकारी विभागों और उनके उपक्रमों से संबंधित स्थानांतरण दस्तावेजों का पंजीकरण अब कागज रहित तरीके से किया जाएगा।
सीएम यादव ने कहा कि आवास बोर्ड और विकास प्राधिकरणों से संबंधित स्थानांतरणों के लिए नागरिकों को अब पंजीकरण कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने आगे कहा कि वीडियो केवाईसी सहित सभी प्रक्रियाएं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न की जाएंगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों से साइबर पंजीकरण सुविधा का उपयोग करके स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से चालू वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों को प्राप्त करने का आग्रह किया।
उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि दस्तावेज पंजीकरण और ई-स्टैम्पिंग के लिए उन्नत सॉफ्टवेयर संपदा 2.0 को 2024-25 में लागू किया गया था।
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