नई दिल्ली, 12 फरवरी (khabarwala24)। आर्य समाज के संस्थापक महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। राष्ट्रपति ने कहा कि दयानंद सरस्वती की ओर से स्थापित आध्यात्मिक व शिक्षण संस्थानों से देश लाभान्वित होता रहा है और सदैव होता रहेगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “महान संत और समाज-सुधारक स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती पर मैं उनको विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। प्राचीन भारतीय संस्कृति और अध्यात्म के तर्कसंगत स्वरूप का प्रसार करते हुए उन्होंने सम्पूर्ण समाज और देश की शिक्षा पद्धति को अमूल्य दिशानिर्देश दिया।”
राष्ट्रपति मुर्मु ने आगे लिखा, “स्वामी दयानंद सरस्वती की ओर से स्थापित आध्यात्मिक व शिक्षण संस्थानों से हमारा देश लाभान्वित होता रहा है और सदैव होता रहेगा। स्वामी दयानंद सरस्वती के दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए सभी देशवासी, भारत को विश्व पटल पर अग्रणी देश के रूप में स्थापित करने का संकल्प लेकर, जीवन में आगे बढ़ें।”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आर्य समाज की स्थापना और सामाजिक कुरीतियों के त्याग व स्त्री शिक्षा के लिए दयानंद सरस्वती के योगदान को याद किया। उन्होंने लिखा, “स्वराज, स्वदेशी व स्वावलंबन के प्रणेता महर्षि दयानंद ने आर्य समाज की स्थापना की और सामाजिक कुरीतियों के त्याग व स्त्री शिक्षा के लिए लोगों को जागरूक किया। उन्होंने ‘सत्यार्थ प्रकाश’ से वैदिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाया। स्वामी दयानंद सरस्वती जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन।”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दयानंद सरस्वती की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सीएम योगी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “असीम ज्ञान और उच्च गुणों से सम्पन्न स्वामी जी का पूरा जीवन समाज-उत्थान, राष्ट्र-जागरण और मानव-कल्याण के पावन कार्यों में बीता। उनका तेजस्वी व्यक्तित्व और वैचारिक प्रखरता देश और समाज को सतत नवचेतना व प्रेरणा प्रदान करती रहेगी।”
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लिखा, “सनातन परंपरा के महान प्रेरणास्रोत, आर्य समाज के संस्थापक और समाज सुधारक महर्षि दयानन्द सरस्वती की जयंती पर उन्हें सादर नमन। समानता, शिक्षा, जागरूकता और प्रगतिशील विचारों के माध्यम से समतामूलक समाज के निर्माण में उनका अमूल्य योगदान सदैव प्रेरणादायी एवं अविस्मरणीय रहेगा।”
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दयानंद सरस्वती को नमन करते हुए ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “औपनिवेशिक काल में भारतीय समाज को आत्मबोध की दिशा देने वाले महर्षि दयानंद सरस्वती जी ने सामाजिक कुरीतियों, अशिक्षा और भेदभाव के विरुद्ध संगठित वैचारिक आंदोलन का नेतृत्व किया। आर्य समाज की स्थापना के माध्यम से उन्होंने वैदिक मूल्यों पर आधारित समरस, शिक्षित और सशक्त समाज की संकल्पना प्रस्तुत की। उनकी जयंती पर उनके समाजसुधारक विचारों और राष्ट्रोन्मुख दृष्टि का स्मरण।”
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