CLOSE

चंबल अभयारण्य में अवैध रेत खनन पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान, लुप्तप्राय वन्यजीवों की सुरक्षा पर जताई चिंता

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now
-Advertisement-

नई दिल्ली, 13 मार्च (khabarwala24)। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में चंबल अभयारण्य में हो रहे अवैध रेत खनन पर स्वतः संज्ञान लिया है। यह कदम खास तौर पर लुप्तप्राय वन्यजीवों, जैसे घड़ियाल, रिवर डॉल्फिन और दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा को लेकर उठाया गया है।

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने इस मामले में चिंता जताते हुए कहा कि हाल के समाचार पत्रों और सीएसआर द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों के आधार पर यह संज्ञान लिया गया है। रिपोर्टों में साफ देखा गया है कि संरक्षित क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है, जिससे वन्यजीवों के जीवन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

जस्टिस विक्रम नाथ ने बताया कि कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां मुख्यमंत्री योगी द्वारा घड़ियालों को छोड़ा गया था लेकिन वे भी अब अवैध खनन के दायरे में आ गए हैं। इस खनन के कारण घड़ियालों को स्थानांतरित करना पड़ रहा है और उनकी प्राकृतिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ रहा है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित दिशा-निर्देशों के लिए प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) के समक्ष रखने को कहा।

- Advertisement -

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संरक्षित क्षेत्रों में किसी भी तरह का खनन और रेत का परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद अवैध खनन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। यह न केवल वन्यजीवों के लिए खतरा है बल्कि पूरे पारिस्थितिक तंत्र को असंतुलित कर सकता है। अभयारण्य में अवैध खनन की वजह से स्थानीय वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों में बदलाव आ रहा है।

राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल वन्यजीव अभयारण्य का क्षेत्र लगभग 435 किलोमीटर लंबा है और इसे देश के सबसे संवेदनशील पर्यावरणीय इलाकों में गिना जाता है। यह क्षेत्र न केवल घड़ियालों का घर है बल्कि यहां रिवर डॉल्फिन, कछुए और कई दुर्लभ पक्षियों की प्रजातियां भी पाई जाती हैं। रेत इस पूरे पारिस्थितिक तंत्र का आधार है। अगर अवैध खनन जारी रहता है, तो इन प्रजातियों के अस्तित्व पर सीधा खतरा पैदा हो सकता है।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

- Advertisement -
spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

-Advertisement-

Related News

-Advertisement-

Breaking News

-Advertisement-