लखनऊ, 20 फरवरी (khabarwala24)। उत्तर प्रदेश सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का 9 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट शुक्रवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में पारित कराएगी, जिसको एनडीए के नेताओं ने ऐतिहासिक बताया है।
यूपी विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ने कहा, “बजट पेश किया जाएगा और यह बड़ा बजट, जो 9 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का है, आज उत्तर प्रदेश विधानसभा में पास किया जाएगा। बजट पर तीन दिन तक आम चर्चा हुई, उसके बाद दो दिन तक डिपार्टमेंटल चर्चा हुई।”
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “सरकार ने जो बजट पेश किया है वह जनकल्याण, गरीब कल्याण, उत्तर प्रदेश के विकास को समर्पित है। आज पूरी उम्मीद है कि बजट का पारण होगा और नए सिरे से जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में जाकर काम करेंगे।”
कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा, “इस साल का बजट विकसित उत्तर प्रदेश पर खास ध्यान देकर बनाया गया है, खासकर आधारभूत संरचना, औद्योगिक विकास और जरूरी सुविधाओं को बढ़ाने पर दिया गया है। पिछले सालों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने पहला साल किसानों, फिर युवाओं, फिर महिलाओं को समर्पित किया और इस तरह मजदूरों को सपोर्ट करते हुए और एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करते हुए, घरेलू प्रोडक्शन को लगभग तीन लाख करोड़ रुपए तक बढ़ाने की कोशिश की गई। अगर बजट में ऐसे उपाय शामिल नहीं किए गए होते, तो उत्तर प्रदेश इतना काबिल और मजबूत नहीं बन पाता, जहां कल्याणकारी योजनाएं से आम लोगों का जीवन स्तर बेहतर होता है।”
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा, “बजट पर चर्चा होगी, यह एक ऐतिहासिक बजट है। यह उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास का बजट है। मुख्यमंत्री की ओर से पेश किए गए बजट में उत्तर प्रदेश की दो प्राथमिकताएं हैं। लोगों को पूरी सुरक्षा देना और राज्य का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना।”
कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी ने कहा कि यह बजट ऐतिहासिकहै और सबकी समस्याओं को ध्यान में रखकर पेश किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में बजट पेश हो रहा है। यह अब तक का सबसे बड़ा बजट है। प्रदेश के अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक बजट पहुंचे, यही हमारी प्राथमिकता है। हर विभाग का ध्यान दिया गया है।
इस बीच लाउडस्पीकर मुद्दे पर भी सियासी बयानबाजी तेज रही। मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा, “इस तरह की बातें तथ्यहीन हैं। समाजवादी पार्टी के नेताओं को भ्रामक बयान देकर मुसलमानों को गुमराह करने में मज़ा आता है। मैं जिम्मेदारी से कहता हूं कि लाउडस्पीकर की कहीं पर मनाही नहीं है। मानक के अनुसार और प्रशासन से अनुमति लेकर मस्जिदों, मंदिरों, गुरुद्वारों और चर्च में लाउडस्पीकर की अनुमति है। प्रदेश में कहीं भी लाउडस्पीकर पर मनाही नहीं है। मानक के अनुरूप और अनुमति लेकर हर धार्मिक स्थल पर लाउडस्पीकर की अनुमति प्रशासन ने दी है। समाजवादी पार्टी मुसलमानों को डराकर ही अपनी रोटी सेकती है।”
भाजपा सरकार में मंत्री राजेश्वर सिंह ने कहा कि लाउडस्पीकर पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है और कोई उसमें कुछ बदलाव करना चाहता है तो उसे सुप्रीम कोर्ट ही जाना चाहिए। इसमें कोई कुछ बदलाव नहीं कर सकता है। इस पर राजनीति करना सही नहीं रहेगा।
वहीं, मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा, “रहमान अख्तर वरिष्ठ सदस्य भी हैं, सांसद भी रहे हैं, उन्हें पता है कि किसी एक धर्म या स्थान के लिए नहीं, पूरे देश के धार्मिक स्थानों के लिए सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन केंद्र और प्रदेश सरकार को जारी है और कोई इसके विपरीत नहीं जा सकता है। समाजवादी पार्टी के लोग हर बात, हर मुद्दे को धर्म से जोड़कर नफरत फैलाने की कोशिश करते हैं।”
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