पटना, 9 मार्च (khabarwala24)। बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पदाधिकारी और कर्मचारियों को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफतौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वे अपना आंदोलन जल्द समाप्त नहीं करते हैं, तो उन्हें निलंबित किया जाएगा। विभागीय कामकाज के लिए उनके स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाएगी।
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा सोमावर को पत्रकारों से बातचीत में अपील करते हुए कहा कि अंचलाधिकारी कुछ लोगों के बहकावे में न आएं। समय रहते वे काम पर लौट आएं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार की सहानुभूति को कमजोरी नहीं समझा जाए। जनता के कामकाज को प्रभावित करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने नई एनडीए सरकार की 100 दिन की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि अविवादित और विवादित भूमि की मापी क्रमशः सात और 11 दिन, मापी प्रतिवेदन पोर्टल पर लोड करने के लिए 14 दिन का समय निर्धारित है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि भूमि से संबंधित जिन मामलों में आपत्ति नहीं है, उन्हें 14 दिन में निस्तारित किया जाए। खसरा, लगान में मामूली त्रुटियों के सुधार के लिए 35 दिन, विशेष-जटिल मामलों के निराकरण के लिए 75 और परिमार्जन में सुधार के लिए 15 दिन का समय निर्धारित है।
उन्होंने कहा कि पिछले साल अगस्त में करीब 46 लाख आवेदनों का 31 मार्च तक निष्पादन करने का लक्ष्य रखा गया था। इसमें 40 लाख आवेदन सिर्फ परिमार्जन के हैं। यह योजनाबद्ध तरीके से किया गया है। पहले सीओ और अब कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू की है।
उन्होंने कहा कि हड़ताल समाप्त होते ही आवेदनों का निस्तारण करना होगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक शनिवार अंचल कार्यालय में आयोजित संवाद में थाने के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। इसकी निगरानी जिलों के निगरानी डीएम और एसपी करेंगे।
डिप्टी सीएम ने कहा कि राजस्व अधिकारी अंचल की बजाय पंचायत स्तर पर बैठकर जन शिकायतों को निपटाएंगे। उन्होंने बताया कि राजस्व न्यायालय के मामलों के निस्तारण के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है।
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