पटना, 31 जनवरी (khabarwala24)। बिहार में सत्ताधारी एनडीए ने राज्य में बंद चीनी मिलों को चालू करने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। चीनी मिलों को पूरी क्षमता के साथ चलाने के लिए अब गन्ने की खेती को बढ़ावा भी दिया जा रहा है, जिसके तहत कई तरह की कार्ययोजना बनाई गई है।
इस बीच, पेराई सत्र शुरू होने के बाद राज्य में गन्ने की खरीद में तेजी आई है। अभी तक राज्य में संचालित चीनी मिल संचालकों ने किसानों से 351.63 लाख क्विंटल से अधिक गन्ने की खरीदारी की है। इसमें 85 फीसदी से अधिक राशि का भुगतान किसानों को किया गया है। बताया जाता है कि गन्ने की खरीदारी शुरू होने के बाद हरिनगर चीनी मिल ने सबसे अधिक गन्ने की खरीद की है, जबकि दूसरे स्थान पर नरकटियागंज चीनी मिल और तीसरे स्थान पर बगहा चीनी मिल है।
गन्ना विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक हरिनगर चीनी मिल ने 81.80 लाख क्विंटल, बगहा ने 53.01 लाख क्विंटल, नरकटियागंज ने 59.33 लाख क्विंटल, मझौलिया ने 36.43 लाख क्विंटल, हसनपुर ने 27.09 लाख क्विंटल, सिधवलिया ने 26.34 लाख क्विंटल, और गोपालगंज चीनी मिल ने 21.98 लाख क्विंटल गन्ने की खरीदारी की है। इसी तरह, लौरिया चीनी मिल ने 19.53 लाख क्विंटल, सुगौली ने 15.05 लाख क्विंटल, और रीगा चीनी मिल ने 7.67 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा है।
इसके अलावा, प्रतापपुर चीनी मिल ने सीवान जिले के किसानों से 3.40 लाख क्विंटल गन्ने की खरीदी की है। इसके एवज में चीनी मिलों ने गन्ना मूल्य का 85 फीसदी से अधिक राशि का भुगतान कर दिया है। इस संबंध में ईखायुक्त अनिल कुमार झा ने बताया कि सभी मिलों को गन्ना क्रय का अद्यतन रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया है। जो बकाया है उसे शीघ्र भुगतान करने का आदेश दिया गया है। बता दें कि राज्य में हजारों एकड़ जमीन पर जलजमाव के कारण गन्ने की खेती नहीं हो पा रही है। सरकार द्वारा अब 61,590 एकड़ जमीन को जलजमाव मुक्त करने की कोशिशें शुरू हुई हैं।
वर्तमान में पश्चिम चंपारण जिलांतर्गत 11 प्रखंडों में कुल 41 योजनाओं को चिह्नित किया गया है, जिसके कार्यान्वयन से 31,361 एकड़ क्षेत्र से जल-जमाव का निराकरण किया जा सकेगा। पूर्वी चंपारण जिलांतर्गत अभी तक 12 प्रखंडों में कुल 28 योजनाओं को चिह्नित किया गया है, जिसके कार्यान्वयन से 13,729 एकड़ क्षेत्र में जल-जमाव का निराकरण किया जा सकेगा। वहीं, समस्तीपुर जिलांतर्गत तीन योजनाओं को अभी तक चिह्नित किया गया है, जिससे 16,500 एकड़ क्षेत्र में जल-जमाव का निराकरण किया जा सकेगा। इसी प्रकार गोपालगंज, सिवान और बेगूसराय जिलांतर्गत भी योजनाएं चिह्नित की गई हैं, जिसके माध्यम से गन्ना उत्पादकता में वृद्धि होगी, फलस्वरूप गन्ना किसानों को लाभ पहुंचेगा।
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