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भारत में रहना है तो ‘वंदे मातरम’ गाना होगा : केशव प्रसाद मौर्य

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नई दिल्ली, 13 फरवरी (khabarwala24)। ‘वंदे मातरम’ को लेकर केंद्र सरकार की नई गाइडलाइंस पर देशभर में सियासी बहस तेज हो गई है। अलग-अलग दलों के नेताओं ने अपने-अपने तरीके से प्रतिक्रिया दी है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “कोई भी ‘वंदे मातरम’ का विरोध नहीं कर पाएगा। भारत में रहना है तो ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य है। जो इसका विरोध करेगा, उसके असली रंग सामने आ जाएंगे।”

दिल्ली में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इसका विरोध करते हुए कहा, “नहीं, यह नहीं हो सकता। आप ‘वंदे मातरम’ पढ़ेंगे तो हम भी खड़े होंगे। लेकिन आप मुझसे मेरी इबादत का तरीका बदलने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं? मैं इसे नहीं बदलूंगा। मेरे संविधान ने मुझे इसकी अनुमति दी है।”

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मुंबई के उपमहापौर संजय घाडी ने संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि केंद्र या राज्य सरकार कोई कानून बनाती है और उसे लागू करती है तो नागरिकों को उसका पालन करना चाहिए। लेकिन यह किसी धर्म के विरोध में नहीं होना चाहिए। हमें एक-दूसरे के धर्म का सम्मान करना चाहिए।

भाजपा सांसद मयंकभाई नायक ने कहा कि इस वर्ष ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार ने पूरा ‘वंदे मातरम’ गाने का फैसला किया तो कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही।

भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कहा, “वंदे मातरम किसी देवी-देवता का नाम नहीं है, यह मातृभूमि का सम्मान है। एक सच्चे देशभक्त को इससे कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।” उन्होंने नासिक पर्व की अपनी यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें अपने जन्मस्थान पर श्रद्धांजलि देने का सौभाग्य मिला।

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शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ हमारे लिए राष्ट्रीय गौरव और राष्ट्रहित का विषय है। भारत में रहना है तो ‘वंदे मातरम’ गाना होगा। अगर नहीं आता तो सीखना चाहिए। राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ है, लेकिन राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ विवाद का विषय नहीं होना चाहिए।

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विरोध का कोई असर नहीं पड़ेगा। गृह मंत्रालय ने पूरा कोड लागू कर दिया है। ‘वंदे मातरम’ हमारे स्वतंत्रता संग्राम का थीम सॉन्ग था, इसका विरोध क्यों?”

भाजपा विधायक विवेकानंद पांडे ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ न तो हिंदू है और न मुसलमान। जिस देश में हम रहते हैं, वहां इसे कहने में क्या दिक्कत हो सकती है?”

भाजपा विधायक योगेश शुक्ला ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ स्वतंत्रता संग्राम का गीत है और इसका विरोध देश की संप्रभुता और संविधान के खिलाफ है।

भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के विरोध पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर वे यहां नहीं गाना चाहते तो पाकिस्तान जा सकते हैं।

भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने कहा, “यह गलत है। देशभक्ति की अभिव्यक्ति का विरोध कैसे किया जा सकता है? भारत हमारी मां है और उसने हमें सब कुछ दिया है।”

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