कोलकाता, 26 जनवरी (khabarwala24)। पुलिस ने सोमवार को पुष्टि की कि कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके में स्थित आनंदपुर के एक गोदाम में भीषण आग लग गई, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोग अभी भी लापता हैं।
पुलिस के मुताबिक, सोमवार तड़के करीब 3 बजे ड्राई फूड गोदाम में लगी आग को बुझाने में लगभग 15 फायर ब्रिगेड की टीम जुटी है। दूसरों की तलाश अभी भी जारी है। आग पर आंशिक रूप से काबू पाने के बाद फायर फाइटर्स गैस कटर लेकर बिल्डिंग में घुसे।
आनंदपुर के नजीराबाद में इस गोदाम में मुख्य रूप से सूखा, पैकेट वाला खाना और सॉफ्ट ड्रिंक्स की बोतलें रखी थीं।
दमकल विभाग के अनुसार, आग पास के दो गोदामों में फैल गई और लगभग सब कुछ जलकर खाक हो गया।
दमकल विभाग को सोमवार तड़के आग लगने की सूचना मिली। गोदाम एक संकरी गली में होने के कारण फायर ब्रिगेड की टीम को आग बुझाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा, क्योंकि लंबी पाइप के बिना पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही थी, जिससे स्थिति को कंट्रोल में लाने में देरी हुई।
हालांकि, सुबह 11 बजे के बाद आग पर आंशिक रूप से काबू पा लिया गया। कुछ जगहों पर अभी भी आग लगी हुई है, और बाकी आग को बुझाने की कोशिशें जारी हैं।
राज्य के ऊर्जा मंत्री अरूप बिस्वास घटनास्थल पर पहुंचे और मृतकों के परिवारों को सांत्वना दी। उन्होंने बचाव अभियान का जायजा लिया और लापता लोगों के परिवारों से भी बात की।
मंत्री ने कहा, “पुलिस और फायर सर्विस के अधिकारी आग बुझाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। मुझे बताया गया है कि आग काफी हद तक कंट्रोल में है और फायर फाइटर्स बिल्डिंग में घुस गए हैं। अंदर कोई फंसा है या नहीं, यह बाद में पता चलेगा। यह राजनीति करने का समय नहीं है, बल्कि पुलिस और फायर सर्विस के अधिकारियों को अपना काम करने देने का समय है।”
हालांकि, यह साफ नहीं है कि गोदाम में आग कैसे लगी। रात की ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी अंदर फंस गए थे, और पता चला कि गोदाम में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करने वाले छह लोग भी फंस गए थे। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि गोदाम बाहर से बंद था, जिस वजह से अंदर के लोग बाहर नहीं निकल पाए।
सोमवार दोपहर को बारुईपुर पुलिस जिले के सुपरिटेंडेंट शुभेंद्र कुमार ने कहा, “अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। दूसरों की तलाश जारी है।” आशंका है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है।
फंसे हुए मजदूरों के परिवार वालों ने बताया कि गोदाम में सुबह 3 बजे से आग लगी। मजदूरों ने अंदर से फोन किया था और भागने के लिए एक दीवार तोड़ने की भी कोशिश की थी। उसके बाद उनसे संपर्क टूट गया।
पीड़ितों में से एक के रिश्तेदार ने कहा, “मेरा दामाद गोदाम में था। वह यहां नाइट शिफ्ट में काम करता है। उसने सुबह 3 बजे फोन किया और कहा ‘मुझे बचा लो’। हम तुरंत आए, लेकिन किसी को नहीं ढूंढ पाए। हमें अभी तक वह नहीं मिला है। आग अभी भी जल रही है। दमकल विभाग का कहना है कि जब तक आग बुझ नहीं जाती, तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता।”
गोदाम के एक कर्मचारी ने कहा, “पिछली बार जब हमने उनसे बात की तो उन्होंने कहा कि वे बाहर निकलने के लिए एक दीवार तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उसके बाद, हमारा उनसे संपर्क टूट गया।”
फायर ब्रिगेड के एक अधिकारी ने कहा, “इस फैक्ट्री के पीछे एक रिहायशी बिल्डिंग है। वहां लगभग 100 लोग रहते थे। सभी को बचा लिया गया है, लेकिन जो लोग गोदाम के अंदर थे, उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके फोन बंद हैं।”
पश्चिम बंगाल के मंत्री सुजीत बोस ने कहा, “मुझे सुबह 3 बजे खबर मिली। उस इलाके में दो गोदाम हैं। एक जानी-मानी मोमो कंपनी का है। दूसरा एक कैटरिंग कंपनी का है। फायर डिपार्टमेंट काम कर रहा है। सब कुछ मॉनिटर किया जा रहा है। आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं।”
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