मुंबई, 9 जनवरी (khabarwala24)। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट द्वारा लैंड फॉर जॉब मामले में लालू प्रसाद यादव परिवार के खिलाफ आरोप तय किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में सियासत तेज हो गई है। इस मामले को लेकर विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में शिवसेना के प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने लालू यादव और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने khabarwala24 से बातचीत में कहा कि लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में जमीन लेकर उसके बदले नौकरी देने का काम किया जा रहा था। इन सभी घोटालों में लालू यादव और उनका परिवार शामिल रहा है। हेगड़े ने कहा कि कोर्ट ने इस मामले में जो निर्देश दिए हैं, उन पर पूरी तरह अमल होगा और पुलिस तथा जांच एजेंसियां अपना काम करेंगी।
कांग्रेस द्वारा एआईएमआईएम को भाजपा की बी-टीम बताए जाने पर कृष्णा हेगड़े ने कहा कि पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में एआईएमआईएम का पूरी तरह सफाया हो गया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना और बाद में अजित पवार की एनसीपी ने मिलकर सरकार बनाई है। साथ ही पिछले स्थानीय निकाय चुनावों में भी पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर महायुति का दबदबा रहा, जबकि एआईएमआईएम का कहीं कोई नामोनिशान नहीं दिखा।
हेगड़े ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस का वोटबैंक काम न करने या जनता की अपेक्षाओं पर खरा न उतरने की वजह से लगभग शून्य हो चुका है। कांग्रेस पार्टी को आत्मचिंतन करना चाहिए, अपने कार्यकर्ताओं को मजबूत करना चाहिए और जमीनी स्तर पर जनता की सेवा में लगना चाहिए, तभी उसका जनाधार बढ़ सकता है। हालांकि पिछले 10-12 वर्षों में कांग्रेस ने ऐसा कोई ठोस प्रयास नहीं किया है।
राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए शिवसेना प्रवक्ता ने कहा कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी लगभग 100 चुनाव हार चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए भाजपा या अन्य राजनीतिक दलों को दोष देना गलत है और कांग्रेस को अपनी विफलताओं की जिम्मेदारी खुद लेनी चाहिए।
पश्चिम बंगाल में ईडी की छापेमारी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर फाइलें छीने जाने के मामले पर कृष्णा हेगड़े ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एक स्वायत्त संस्था है और जहां उसे संदेह होता है, वहां वह कार्रवाई करती है।
उन्होंने कहा कि आई-पैक संस्था पर कार्रवाई के दौरान ईडी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। हेगड़े के अनुसार, छापेमारी के समय जब ईडी टीएमसी कार्यालय में दस्तावेज की जांच कर रही थी, तब ममता बनर्जी की टीम और पुलिस ने ईडी अधिकारियों से उनकी पहचान पूछी और दस्तावेज छीने, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी एक पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं है।
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