नई दिल्ली, 21 जनवरी (khabarwala24)। बृहन्मुंबई महानगरपालिका के चुनाव में महायुति की जीत के बाद मेयर पद को लेकर सस्पेंस बरकरार है। इसी बीच, शिवसेना के पार्षदों को होटल में रखे जाने पर उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) ने निशाना साधा है। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि अगर भाजपा-शिवसेना में सब कुछ ठीक होता तो 29 पार्षदों को होटल में नहीं रखा गया होता।
समाचार एजेंसी khabarwala24 से बातचीत में शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “एकनाथ शिंदे ने खुद अपनी पार्टी से गद्दारी की। उन्होंने महानगरपालिका चुनाव में भी पैसे और सत्ता के आधार पर चुनाव टिकट बांटे। इसलिए यह साफ दिख रहा है कि 29 पार्षदों को बंधकों की तरह एक होटल में इसलिए रखा गया, क्योंकि एकनाथ शिंदे जानते हैं कि वे लोग उनके साथ नहीं हैं। वे जानते हैं कि उनके पार्षदों को लेने के लिए भाजपा तत्पर रहेगी।”
प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा, “एकनाथ शिंदे ने अपने पार्षदों को होटल में इसलिए भी रखा ताकि भाजपा पर दबाव बनाया जा सके, क्योंकि शिवसेना के समर्थन के बिना बीएमसी में भाजपा का मेयर नहीं आ सकता है। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी जरूर है, लेकिन वह अपने दम पर मेयर नहीं बना सकती है।” उन्होंने कहा, “भाजपा और शिवसेना में इसी बात को लेकर झगड़ा है कि मेयर किस पार्टी का बनेगा।”
महायुति को ‘महाझूठा’ गठबंधन बताते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “झूठ के आधार पर महायुति ने महाराष्ट्र में सत्ता हासिल की है। बीएमसी में भी झूठ के आधार पर सत्ता बनाने की कोशिश की जा रही है। बीएमसी और मुंबई की जनता से इन लोगों को कोई लेना-देना नहीं है।”
इसी बीच, शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने बांग्लादेश से भारत के अपने राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने के फैसले पर कहा, “वहां लगातार हत्याएं और मॉब लिंचिंग हो रही हैं। हिंदू अल्पसंख्यक पर खतरा मंडरा रहा है और भारत विरोधी नफरत बढ़ रही है। यह राजनयिकों के परिवारों के लिए अनुकूल स्थिति नहीं है। इसीलिए उनको वापस बुलाया जा रहा है।”
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