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Yellow Fever के 5 शुरुआती लक्षण, जिन्हें भूलकर भी न करें नजरअंदाज

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Khabarwala 24 News New Delhi: Yellow Fever कोरोना महामारी के बाद अब एक बार फिर वायरल संक्रमण को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। हाल ही में मुंबई एयरपोर्ट पर एक यात्री को पीले बुखार (Yellow Fever) से संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, संबंधित व्यक्ति ने फर्जी येलो फीवर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाकर एंट्री ली थी। घटना के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और एयरपोर्ट अधिकारियों ने निगरानी और कड़ी कर दी है।

क्या है Yellow Fever ?

Yellow Fever एक गंभीर वायरल बीमारी है, जो संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलती है। यह रोग मुख्य रूप से अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कुछ देशों में पाया जाता है। हालांकि भारत में यह बीमारी आम नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्रा के चलते संक्रमण का खतरा बना रहता है।

World Health Organization (WHO) के मुताबिक, यह वायरस मुख्य रूप से एडीज (Aedes) और हेमोगॉगस प्रजाति के मच्छरों के जरिए फैलता है। यह बीमारी सीधे इंसान से इंसान में नहीं फैलती, बल्कि संक्रमित मच्छर के काटने से शरीर में प्रवेश करती है।

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Yellow Fever नाम क्यों पड़ा?

इस बीमारी का नाम ‘येलो फीवर’ इसलिए पड़ा क्योंकि गंभीर मामलों में मरीज की त्वचा और आंखें पीली पड़ जाती हैं। यह लक्षण लिवर पर असर का संकेत होता है। वायरस शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों जैसे लिवर, किडनी और हृदय को प्रभावित कर सकता है।

कैसे फैलता है संक्रमण? (Yellow Fever )

  • संक्रमित मच्छर किसी व्यक्ति को काटता है और वायरस शरीर में प्रवेश करता है।
  • जब वही मच्छर किसी अन्य व्यक्ति को काटता है तो संक्रमण आगे फैल सकता है।
  • यह बीमारी आम संपर्क या छूने से नहीं फैलती।

Yellow Fever के शुरुआती 5 खतरनाक लक्षण

संक्रमण के लगभग 3 से 6 दिन बाद इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं। शुरुआत में यह सामान्य वायरल बुखार जैसा लग सकता है, लेकिन इन संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है:

  1. तेज बुखार – अचानक 102°F या उससे अधिक बुखार आना।
  2. तेज सिरदर्द और शरीर में दर्द – खासकर पीठ और मांसपेशियों में दर्द।
  3. अत्यधिक कमजोरी और थकान – शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होना।
  4. मतली और उल्टी – कई बार उल्टी में खून भी आ सकता है (गंभीर स्थिति में)।
  5. आंखों का लाल होना और त्वचा का पीला पड़ना – लिवर प्रभावित होने का संकेत।

यदि इन लक्षणों के साथ हाल ही में विदेश यात्रा का इतिहास हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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Yellow Fever से बचाव कैसे करें?

  • फुल स्लीव कपड़े पहनें और शरीर को ढककर रखें।
  • मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाले रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।
  • घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
  • विदेश यात्रा से पहले आवश्यक वैक्सीनेशन अवश्य कराएं।
  • बुखार या संदिग्ध लक्षण होने पर तुरंत जांच कराएं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते पहचान और इलाज से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। फिलहाल भारत में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सावधानी और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।

Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। Khabarwala24 News की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।
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