नई दिल्ली, 20 जनवरी (khabarwala24)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर सुबह के नाश्ते को छोड़ देते हैं, लेकिन आयुर्वेद और विज्ञान दोनों ही मानते हैं कि सुबह का नाश्ता हमारे पूरे दिन की सेहत तय करता है।
रात की 8 से 10 घंटे की नींद के बाद हमारा शरीर लंबे फास्ट से बाहर आता है। इस दौरान शरीर की ऊर्जा लगभग खत्म हो चुकी होती है और दिमाग को भी सही तरीके से काम करने के लिए पोषण की जरूरत होती है। अगर इस समय सही और पौष्टिक नाश्ता न मिले, तो दिनभर थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान की कमी और बार-बार भूख लगने जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, सुबह का समय शरीर में अग्नि यानी पाचन शक्ति को धीरे-धीरे जगाने का होता है। ऐसे में भारी या बहुत तला-भुना खाना नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि पोषक तत्वों से भरपूर और आसानी से पचने वाला नाश्ता शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है। विज्ञान कहता है कि सुबह उठने के एक से डेढ़ घंटे के भीतर संतुलित नाश्ता करने से ब्लड शुगर लेवल स्थिर रहता है और मेटाबॉलिज्म एक्टिव होता है। ऐसे में कुछ खास फूड्स हैं, जो कम मात्रा में भी शरीर को भरपूर ताकत दे सकते हैं।
सुबह के नाश्ते में कद्दू के बीज और चिया सीड्स जैसे बीजों का सेवन शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। कद्दू के बीज में प्रोटीन, जिंक, मैग्नीशियम और आयरन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, ये बीज शरीर की कमजोरी दूर करने में मदद करते हैं और नसों को मजबूत बनाते हैं। विज्ञान के मुताबिक, कद्दू के बीज दिल की सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं और इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं। वहीं चिया सीड्स फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं। ये पेट में जाकर पानी सोख लेते हैं, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करता है और बार-बार भूख नहीं लगती। यही कारण है कि यह वजन कंट्रोल करने में भी मददगार माने जाते हैं। चिया सीड्स आंतों की सफाई करते हैं।
अगर आप ठोस नाश्ता पसंद करते हैं, तो बेसन यानी चने के आटे से बना नाश्ता एक बेहतरीन विकल्प है। आयुर्वेद में चना बलवर्धक माना गया है, यानी यह शरीर को ताकत देने वाला होता है। बेसन में मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों को ऊर्जा देता है, जबकि फाइबर पाचन को दुरुस्त रखता है। सुबह बेसन से बना चीला खाने से शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा मिलती है और भूख कंट्रोल में रहती है। विज्ञान के अनुसार, बेसन धीरे-धीरे पचता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल संतुलित रहता है और डायबिटीज का खतरा भी कम होता है। सब्जियों के साथ बनाया गया बेसन चीला शरीर को विटामिन और मिनरल्स भी देता है।
वहीं ग्रीक योगर्ट सुबह के नाश्ते को और भी खास बना देता है। ग्रीक योगर्ट सामान्य दही की तुलना में ज्यादा गाढ़ा और प्रोटीन से भरपूर होता है। आयुर्वेद में दही को पाचन के लिए उपयोगी माना गया है, बशर्ते इसे सही समय और सही तरीके से खाया जाए। ग्रीक योगर्ट में मौजूद प्रोबायोटिक्स पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं, जिससे पाचन तंत्र मजबूत होता है।
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