नई दिल्ली, 14 फरवरी (khabarwala24)। रसोईघर में मौजूद मसालों की वजह से ही खाने में सही स्वाद और सेहत मिलती है, लेकिन किसी भी चीज की बहुतायत स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।
आज की जीवनशैली में तीखे और तले-भुने खाने के शौकीन लोगों की संख्या ज्यादा है और वे यह नहीं जानते हैं कि आटे से लेकर ब्रेड तक में धड़ल्ले से सोडियम का इस्तेमाल हो रहा है। जाने-अनजाने में हम जरूरत से ज्यादा नमक का सेवन कर रहे हैं और भविष्य में होने वाली बीमारियों के लिए जिम्मेदार होंगे।
स्वाद को बढ़ाने वाला नमक धीरे-धीरे शरीर में जहर की तरह घुलने लगता है और रोजमर्रा की आदत का हिस्सा बन जाता है। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों मानते हैं कि नमक आवश्यक भी है और हानिकारक भी, बस सीमा के भीतर। आज हम आपको बताएंगे कि कितना नमक शरीर के लिए जहर की तरह काम करता है और कितने नमक का सेवन रोजाना किया जा सकता है।
डब्लूएचओ की माने तो रोजाना 5 ग्राम नमक का सेवन करना लाभकारी होता है। 5 ग्राम मतलब तकरीबन 1 छोटा चम्मच। यह मात्रा साधारण नमक और पैकेज्ड फूड के छिपे सोडियम दोनों को मिलाकर तय की है। दिन में दो या तीन बार आहार लेने वाले लोगों को भी 5 ग्राम के हिसाब से ही आहार को संतुलित करना चाहिए। वहीं उसके उलट भारतीय जीवनशैली में रोजाना 10-12 ग्राम नमक लिया जाता है, जो दैनिक मापदंड से दोगुना है और यही कारण है कि लंबे समय तक सेवन करने से हाई बीपी, खून का अत्याधिक पतला होना, हड्डियों का कमजोर होना, शरीर पर सूजन आना, यूरिक एसिड का बढ़ना, किडनी पर अत्याधिक बोझ पड़ना, शरीर में पानी की कमी होना और चेहरे पर समय से पहले झुर्रियां दिखना शुरू हो जाती हैं।
अब जानते हैं कि कब और कैसे नमक का इस्तेमाल करें। पहला, हमेशा पूरा सफेद नमक का इस्तेमाल करने से बचें। नमक में थोड़ा सेंधा नमक मिलाकर सेवन करें। दूसरा, सलाद या फलों में नमक और चाट-मसाले का यूज भी न करें। इससे शरीर में नमक की मात्रा तय सीमा से ज्यादा हो जाती है।
तीसरा, रात के समय नमकीन चीजें खाने से परहेज करें क्योंकि ये सुबह चेहरे पर सूजन का कारण बन सकता है। चौथा, दही या लस्सी में भी सफेद नमक से बचें। इसकी जगह हल्की मात्रा में नमक और जीरा डालकर लें। जिन लोगों को कफ की परेशानी है, उन्हें दही और नमक का सेवन कम करना चाहिए।
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