Haiza Disease अब गांवों के साथ साथ शहरों के लिए भी सिरदर्द बनी हैजा की बीमारी, जानिए कारण और बचाव के उपाय

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Khabarwala 24 News New Delhi: Haiza Disease बरसात के मौसम में संक्रामक बीमारियों, विशेष रूप से हैजा, का खतरा बढ़ जाता है। यह गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण दूषित पानी और खाने के जरिए फैलता है, जिसके कारण मरीज को दस्त, उल्टी और गंभीर डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, पहले ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित यह बीमारी अब शहरों में भी गंभीर खतरा बन चुकी है, खासकर खराब पानी की गुणवत्ता के कारण। बरसात में अस्पतालों में हैजा के मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जाती है। आइए, इस बीमारी के कारण, लक्षण, फैलने के तरीके और बचाव के उपायों को विस्तार से समझते हैं।

हैजा क्या है? (Haiza Disease)

हैजा विब्रियो कॉलेरी (Vibrio Cholerae) बैक्टीरिया के कारण होने वाला एक गंभीर संक्रामक रोग है, जो मुख्य रूप से दूषित पानी या भोजन के माध्यम से फैलता है। यह बैक्टीरिया छोटी आंत में टॉक्सिन्स पैदा करता है, जिससे शरीर से बड़ी मात्रा में पानी और नमक मल के जरिए बाहर निकलने लगते हैं। इससे मरीज को डिहाइड्रेशन, कमजोरी और कभी-कभी अत्यधिक दुबलापन होने का खतरा रहता है।

हैजा फैलने के कारण (Haiza Disease)

  • दूषित पानी और भोजन: विब्रियो कॉलेरी बैक्टीरिया दूषित पानी या खाने में पनपता है। बरसात में जलजमाव और गंदगी के कारण यह समस्या बढ़ जाती है।
  • संक्रमित व्यक्ति से संपर्क: एक संक्रमित व्यक्ति के मल, पेशाब, पसीने या छींक के जरिए बैक्टीरिया दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है।
  • झूठा भोजन: किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ खाना खाने या उसका झूठा खाना खाने से भी हैजा फैल सकता है।
  • अस्वच्छता: गंदे हाथों, बर्तनों या असुरक्षित पानी का उपयोग बैक्टीरिया के प्रसार को बढ़ाता है।

हैजा के लक्षण (Haiza Disease)

हैजा के लक्षण सामान्य लेकिन गंभीर हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • लगातार दस्त (चावल के पानी जैसे मल)।
  • उल्टी और पेट में दर्द।
  • गंभीर डिहाइड्रेशन, जिसके कारण कमजोरी, थकान और चक्कर आना।
  • मांसपेशियों में ऐंठन और वजन में तेजी से कमी।

हैजा से बचाव के उपाय (Haiza Disease)

हैजा से बचने के लिए स्वच्छता और सावधानी सबसे महत्वपूर्ण हैं। निम्नलिखित उपाय अपनाएं:

  • स्वच्छ पानी का सेवन: हमेशा उबला हुआ या बोतलबंद पानी पिएं। बाहर का पानी या बर्फ का उपयोग न करें।
  • हाथों की सफाई: खाने से पहले और शौचालय उपयोग के बाद साबुन या एंटीबैक्टीरियल सैनिटाइजर से हाथ धोएं।
  • सुरक्षित भोजन: छिलके वाली सब्जियां और फल खाएं, जिन्हें आप स्वयं छील सकें। कच्ची सब्जियों और अधपके समुद्री भोजन (जैसे घोंघा, सीफूड) से बचें।
  • खाने की स्वच्छता: भोजन को ढककर रखें और गंदे बर्तनों का उपयोग न करें।
  • जागरूकता: बरसात में जलजमाव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें और स्थानीय पानी की गुणवत्ता की जांच करें।

हैजा का बढ़ता खतरा (Haiza Disease)

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में खराब पानी की गुणवत्ता और अपर्याप्त स्वच्छता सुविधाओं के कारण हैजा अब एक गंभीर शहरी समस्या बन गया है। बरसात के मौसम में जलजमाव, सीवर ओवरफ्लो और दूषित पानी की आपूर्ति इस बीमारी के प्रसार को और बढ़ा देती है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में यह बीमारी विशेष रूप से खतरनाक हो सकती है।

उपचार और जागरूकता (Haiza Disease)

हैजा का इलाज संभव है, बशर्ते समय पर चिकित्सा सहायता ली जाए। डिहाइड्रेशन को रोकने के लिए ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) और गंभीर मामलों में अंतःशिरा (IV) तरल पदार्थ दिए जाते हैं। एंटीबायोटिक्स भी बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद कर सकते हैं। जागरूकता और त्वरित कार्रवाई इस बीमारी को नियंत्रित करने की कुंजी है।

Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। Khabarwala24 News की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।

 

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