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Economic 2024 Survey भारत में अनहेल्दी डाइट के कारण 54% बीमारियां, ये चीजें खाकर लोग हो रहे बीमार, मोटापे ने बढ़ाई चिंता

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Khabarwala 24 News New Delhi : Economic 2024 Survey आजकल की युवा जनरेशन की खाने-पीने की आदतों में काफी बदलाव देखा गया है। जहां पहले जमाने के लोग घर का बना स्वादिष्ट खाना पसंद करते थे। वहीं आजकल के बच्चे और युवा जंक और स्ट्रीट फूड्स खाना पसंद करते हैं। खाने-पीने की खराब आदतों के कारण युवाओं में मोटापे की दिक्कत काफी बढ़ गई है। लोग प्रोसेस्ड फूड और चीनी बहुत ज्यादा खाते हैं, जिसके चलते दिन-ब-दिन उनका स्वास्थ्य बिगड़ता जा रहा है। अब नए आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत में 54% बीमारियां अनहेल्दी डाइट के कारण हो रही हैं।

मोटापा चिंताजनक स्थिति : निर्मला सीतारमण (Economic 2024 Survey)

आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि मोटापा चिंताजनक स्थिति है। नागरिकों को एक हेल्दी लाइफस्टाइल जीने में सक्षम बनाने के लिए जरूरी उपाय करने की जरूरत है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सोमवार को संसद में पेश किए गए सर्वेक्षण में कहा गया भारत की एडल्ट आबादी के बीच मोटापा गंभीर चिंता के रूप में उभर रहा है। यदि भारत को अपने डेमोग्राफिक डिविडेंड का लाभ उठाना है तो महत्वपूर्ण है कि स्वास्थ्य पैरामीटर बैलेंस्ड और डाइवर्स डाइट की ओर बढ़े।

जंक फूड पर आईसीएमआर (ICMR) की रिपोर्ट (Economic 2024 Survey)

सर्वेक्षण में कहा गया कि शुगर और फैट की ज्यादा मात्रा वाले प्रोसेस्ड फूड्स के बढ़ते कंजंप्शन की वजह से लोगों की शारीरिक गतिविधियां कम हो गई हैं। इसके साथ ही खाने की आदत सीमित हो गई है। इस कारण लोग ओवरवेट हो रहे हैं और न्यूट्रिएंट्स की कमी देखी जा रही है। अनुमान बताते हैं कि भारत में किसी एडल्ट में मोटापे की दर तीन गुना से ज्यादा हो गई है और भारतीय बच्चों में मोटापे की दर वियतनाम और नामीबिया के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा है।

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ओबिसिटी पर क्या कहता है इकोनॉमिक सर्वे (Economic 2024 Survey)

सर्वेक्षण में आगे कहा गया है कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के अनुसार, मोटापे की समस्या भारत के गांवों की तुलना में शहरों में काफी ज्यादा है। शहरों में पुरुषों में मोटापे की दर 29.8% है जबकि गांवों में यह 19.3% है। 18-69 आयु वर्ग में मोटापे का सामना करने वाले पुरुषों का प्रतिशत NFHS-4 में 18.9% से बढ़कर NFHS-5 में 22.9% हो गया है। महिलाओं के लिए यह 20.6% (NFHS-4) से बढ़कर 24% (NFHS-5) हो गया है।

लाइफस्टाइल को सुधारने के लिए जरूरी उपाय (Economic 2024 Survey)

कुछ राज्यों में उम्रदराज आबादी के साथ-साथ मोटापा एक चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है. ऐसे में लोगों की लाइफस्टाइल को सुधारने के लिए जरूरी उपाय करने की जरूरत है। दिल्ली जैसे राज्यों में मोटापे से ग्रस्त महिलाओं का अनुपात 41.3% है, जबकि पुरुषों के लिए यह 38% है। तमिलनाडु में पुरुषों में मोटापा 37% और महिलाओं में 40.4% है। आंध्र की बात करें तो महिलाओं के लिए यह 36.3% है, जबकि पुरुषों में 31.1% है।

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Sandeep Kumar
Sandeep Kumarhttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sandeep Kumar है। मैं एक अनुभवी कंटेंट राइटर हूं और पिछले कुछ सालों से इस क्षेत्र में काम कर रहा हूं। अभी मैं Khabarwala24 News में कई अलग-अलग कैटेगरी जैसे कि टेक्नोलॉजी, हेल्थ, ट्रैवल, एजुकेशन और ऑटोमोबाइल्स पर कंटेंट लिख रहा हूं। मेरी कोशिश रहती है कि मैं अपने शब्दों के ज़रिए लोगों को सही, सटीक और दिलचस्प जानकारी दे सकूं।

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