मुंबई, 20 फरवरी (khabarwala24)। हिंदी सिनेमा में कई ऐसी फिल्में बन रही हैं, जो समाज की सोच और दिशा बदलने की कोशिश कर रही हैं। ऐसी ही फिल्म है बैंड बाजा बेटियां। गजराज राव की फिल्म के एक छोटे से वीडियो ने सोशल मीडिया पर सबकी आंखें खोल दी हैं।
‘बैंड बाजा और बेटियां’ के वीडियो ने स्मृति ईरानी का दिल भी छू लिया है और अब वे ऐसे समाज के निर्माण की बात कर रही हैं, जहां बेटों को सही पालन-पोषण दिया जाए और हर महिला को साधारण महिला की तरह समझा जाए।
हर मुद्दे पर मुखर राय रखने वाली स्मृति ईरानी ‘बैंड बाजा और बेटियां’ के वीडियो से बहुत प्रभावित हैं। उन्होंने समाज में सिर्फ बेटियों पर लागू होने वाले उन वाक्यों को जड़ से मिटाने की बात की है, जो सुनने में साधारण लेकिन असहनीय पीड़ा देते हैं। स्मृति का कहना है कि बेटियों को “समझौता” करने, असहनीय पीड़ा को सहन करने और अपनी गरिमा की कीमत पर दिखावा बनाए रखने के लिए कहा जाता रहा है। हमने “थोड़ा बहुत चलता है” जैसे वाक्यों को सामान्य मान लिया है, लेकिन अब बेटियों को भी सुरक्षित घर और गरिमा की जरूरत है, जो सिर्फ परिवार ही उन्हें दे सकता है।
दरअसल टीवी जगत की तुलसी ने ‘बैंड बाजा और बेटियों’ का वीडियो पोस्ट कर समाज को बदलने की धारणा पेश की है। उन्होंने पोस्ट में साफ किया है कि हिंसा संस्कृति नहीं है, परंपरा नहीं है और यह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने लड़कियों के परिवारों से भी अपील की है कि वे बेटियों को गरिमा या रिश्तों के बोझ के तले न दबाएं बल्कि उनके लिए गरिमा और सम्मान से भरा घर बनाएं, जहां वापसी के बाद उन्हें हार का नहीं, बल्कि गौरव का अहसास हो।
बैंड बाजा बेटियां का वीडियो और संदेश दोनों ही सोशल मीडिया पर खूब पसंद किए जा रहे हैं। गजराज राव की फिल्म खूब तारीफ बटोर रही है। फिल्म कब रिलीज होगी, इसे लेकर सस्पेंस बना हुआ है। फिल्म में कुछ नए कलाकार भी दिखने वाले हैं।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


