नई दिल्ली, 18 फरवरी (khabarwala24)। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों इन दिनों भारत के तीन दिवसीय दौरे पर हैं, जो 17 से 19 फरवरी तक चल रहा है। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन समेत अन्य क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। भारत-फ्रांस संबंधों को स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप का नया दर्जा दिया गया है। इस मजबूत साझेदारी का असर भारत के सिनेमा क्षेत्र में भी कई दशकों से दिख रहा है।
फ्रांस के खूबसूरत स्थान लंबे समय से भारतीय फिल्मों के पसंदीदा शूटिंग स्थल रहे हैं। राज कपूर की क्लासिक फिल्म ‘संगम’ से लेकर कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों की शूटिंग यहां हो चुकी है। फ्रांस में शूटिंग की शुरुआत 1960 के दशक में हुई। राज कपूर की साल 1964 में आई फिल्म ‘संगम’ पहली भारतीय फिल्म थी, जिसके बड़े हिस्से पेरिस के साथ ही लंदन और स्विट्जरलैंड में फिल्माए गए। यह उस समय की सबसे महंगी और लंबे समय तक चलने वाली फिल्मों में से एक थी।
पेरिस हमेशा से भारतीय सिनेमा के लिए खास रहा है। पैलेस गैलियरा, ट्रोकाडेरो, आर्क डे ट्रायम्फ और एफिल टावर जैसे आइकॉनिक स्पॉट बार-बार स्क्रीन पर आए हैं। पेरिस रोमांटिक फिल्मों के लिए आदर्श स्थान है। बॉलीवुड के साथ ही साउथ इंडियन फिल्मों की शूटिंग भी फ्रांस में हो चुकी है। इस लिस्ट में ‘मनमधन अंबु’, ‘असल’ और अपकमिंग ‘एंगेयम कधल’ जैसी फिल्में शामिल हैं, जिनकी खूबसूरत लोकेशन पर शूटिंग की गई।
करण जौहर की ‘ऐ दिल है मुश्किल’ साल 2016 में आई थी, जिसमें रणबीर कपूर और अनुष्का शर्मा को पेरिस की सर्दियों में डांस करते दिखाया गया। फिल्म में चैंप डे मार्स, एफिल टावर और नदियों के किनारे के सीन शामिल हैं। कंगना रनौत की फिल्म ‘क्वीन’ साल 2014 में रिलीज हुई, जिसमें उनका किरदार पेरिस की सोलो ट्रिप पर निकलता है। फिल्म को दर्शकों का खूब प्यार मिला और फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला।
इस लिस्ट में रणवीर सिंह और वाणी कपूर की ‘बेफिक्रे’ भी शामिल है, जो साल 2016 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म की शूटिंग लगभग पूरी तरह पेरिस में हुई, जिसमें पोंट डेस आर्ट्स ब्रिज और मोंटमार्ट्रे जैसे स्थान दिखाए गए। ‘ये जवानी है दीवानी’ में ‘इलाही’ गाना पेरिस में फिल्माया गया, जहां एफिल टावर की झलक देखने को मिलती है। फरहान अख्तर की ‘डॉन’ साल 2006 में रिलीज हुई थी। इसके कुछ एक्शन सीन पेरिस में शूट हुए।
फ्रांस में भारतीय फिल्मों की शूटिंग से दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंध मजबूत होते हैं। वहीं, मैक्रों के दौरे के दौरान सिनेमा सहयोग को भी बढ़ावा मिल सकता है। फ्रांस के राष्ट्रपति ने सिनेमा जगत की कई हस्तियों से मुलाकात भी की। फ्रांस का राष्ट्रीय फिल्म आयोग भारत में सक्रिय है। फ्रांस में पटकथा पर कोई नियंत्रण नहीं और सार्वजनिक जगहों पर शूटिंग के लिए परमिट ज्यादातर मुफ्त मिल जाता है। 40 क्षेत्रीय आयोगों का नेटवर्क लोकेशन स्काउटिंग, परमिट और वीजा में ‘सिंगल विंडो’ सुविधा देता है।
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