‘चिरैया’ फेम अंजुमन सक्सेना बोलीं- शादी कोई लाइसेंस नहीं, इसके बाद भी पति-पत्नी के बीच सहमति जरूरी

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मुंबई, 23 मार्च (khabarwala24)। संजय मिश्रा, दिव्या दत्ता स्टारर हालिया रिलीज वेब सीरीज ‘चिरैया’ मैरिटल रेप पर गहन चर्चा छेड़ती है, गंभीर मुद्दे पर बनी फिल्म में अपनी संवेदनशील और प्रभावशाली भूमिका निभाकर सुर्खियों में रहीं अभिनेत्री अंजुमन सक्सेना ने khabarwala24 से खुलकर बात की। उन्होंने फिल्म की अनोखी थीम, अपने किरदार की प्रासंगिकता, अभिनय के सफर, थिएटर की सीख और अपकमिंग प्रोजेक्ट्स पर विस्तार से राय रखी।

‘चिरैया’ एक ऐसी कहानी है जो शादी के बाद भी पति-पत्नी के बीच सहमति और आपसी समझ जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाती है, जो आज भी समाज में खुलकर चर्चा में कम आता है। अंजुमन ने बताया कि जब कास्टिंग डायरेक्टर रोमिल ने उन्हें कॉल किया और स्क्रिप्ट सुनाई तो वह तुरंत सहमत हो गईं। उन्होंने कहा, “मुझे लगा कि यह एक ऐसा किरदार है जो आज के समय की आम महिला की सच्चाई दिखाता है। शादी हो गई तो बस यही होता है कि खुशखबरी कब सुना रही। लेकिन कोई यह नहीं सोचता कि दो लोग हैं, उन्हें एक-दूसरे को जानने-समझने का समय चाहिए। सहमति बहुत जरूरी है। शादी कोई लाइसेंस नहीं है। औरत का भी अपना मन, अपनी सोच और अपनी मर्जी होती है। यह संदेश जन-जन तक पहुंचना चाहिए। इसलिए मैंने हामी भर दी।”

वेब सीरीज की थीम को लेकर अंजुमन ने कहा कि आजकल बॉलीवुड में ऐसी कहानियां कम बनती हैं। वह बोलीं, “यह विषय जरूरी है, लेकिन लोग इससे बचते हैं। फिल्म दिखाती है कि शादी के बाद भी दोनों की सहमति और सम्मान जरूरी है। यह गुड्डे- गुड़िया का खेल नहीं है।”

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अंजुमन ने यह भी कहा कि अभिनय में अनुशासन और मेहनत सबसे जरूरी है। थिएटर ने उन्हें यह सिखाया कि काम को कितनी गंभीरता से लेना चाहिए।

उन्होंने माना कि इस तरह के किरदार निभाने से उन्हें संतुष्टि मिली, क्योंकि इससे समाज में जागरूकता फैलती है। अभिनय के सफर पर बात करते हुए अंजुमन ने थिएटर, टीवी और सिनेमा के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि थिएटर ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया। अभिनेत्री ने बताया, थिएटर में रिटेक नहीं होता। आपको एक बार में सब कुछ सही करना पड़ता है। दर्शक सामने हैं, लाइन दोबारा नहीं दोहरा सकते। इसलिए रिहर्सल, अनुशासन और डायलॉग पर गहरा काम करना पड़ता है। यह एक्टिंग की असली ट्रेनिंग है। थिएटर करने वाले कलाकारों में एक अलग गंभीरता और परिपक्वता आती है। हालांकि, बॉलीवुड में कलाकार भी बहुत मेहनत करते हैं।

अंजुमन ने अपने करियर को लेकर कहा कि उन्हें ईश्वर कृपा से बहुत संघर्ष नहीं करना पड़ा। टीवी से शुरुआत करने के बाद विज्ञापनों और फिल्मों के ऑफर आने लगे। उन्होंने कहा, “मैं काम के पीछे भागी नहीं, लेकिन भगवान की कृपा से काम आता रहा। दर्शकों को पसंद आया तो डायरेक्टर्स ने नोटिस किया। टीवी के दौरान घर-गृहस्थी में व्यस्त होने से थिएटर में ब्रेक लगा, लेकिन बाद में वापसी हुई। आज टीवी, फिल्म और विज्ञापनों में उनका काम निखरकर सामने आ रहा है।

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अपकमिंग प्रोजेक्ट्स पर बात करते हुए अंजुमन ने बताया कि उनकी फिल्म ‘रफ्तार’ जुलाई में रिलीज होने वाली है, जिसमें वह राजकुमार राव की मां का किरदार निभा रही हैं। यह भी एक अलग तरह की कहानी है। इसके अलावा एक अनऑउंस्ड फिल्म पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा, “दर्शकों को मजेदार और अलग कहानियां मिलती रहेंगी। अच्छा काम आता रहेगा, हम करते रहेंगे।”

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