सतारा, 26 जनवरी (khabarwala24)। महाराष्ट्र के सतारा जिले में ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने एक मोबाइल मेफेड्रोन फैक्ट्री का पर्दाफाश करते हुए करीब 55 करोड़ रुपए की प्रतिबंधित ड्रग्स जब्त की है। इस मामले में अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
डीआरआई के मुताबिक, उन्हें गुप्त जानकारी मिली थी जिसके आधार पर कराड तहसील के एक गांव में कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान एक ऐसी लैब मिली जो पूरी तरह चालू हालत में थी और मेफेड्रोन बनाने के लिए जरूरी मशीनों व केमिकल्स से लैस थी।
जांच में सामने आया कि इस अवैध फैक्ट्री को पोल्ट्री फार्म का रूप देकर छिपाया गया था ताकि किसी को शक न हो। पकड़े जाने से बचने के लिए यह यूनिट बार-बार अपनी लोकेशन बदलती रहती थी।
छापे के दौरान अलग-अलग रूपों में मेफेड्रोन बरामद की गई, 11.848 किलो लिक्विड फॉर्म में, 9.326 किलो सेमी-लिक्विड फॉर्म में और 738 ग्राम क्रिस्टल फॉर्म में। इसके अलावा, 71.5 किलो कच्चा माल भी जब्त किया गया, जिससे करीब 15 किलो और मेफेड्रोन तैयार की जा सकती थी। जब्त कुल ड्रग्स और सामग्री की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 55 करोड़ रुपए आंकी गई है।
अधिकारियों ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें ड्रग्स बनाने वाला ‘कुक’, इसका फाइनेंसर-कंसाइनर और पोल्ट्री फार्म का मालिक शामिल है।
जांच में यह भी सामने आया कि तैयार माल का पहला बैच फार्म मालिक के घर में छिपाकर रखा गया था। इसके बाद डीआरआई ने फॉलो-अप ऑपरेशन में घने जंगल वाले इलाके में एक पुराने ऑक्ट्रोई टोल नाके के पास से दो और आरोपियों को पकड़ा जो फाइनल प्रोडक्ट लेने पहुंचे थे, फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच करने में जुटी है।
गिरफ्तार पांच में से चार आरोपियों के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है।
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