खबरवाला 24 न्यूज बागपत: बागपत जिले में खेकड़ा क्षेत्र के फखरपुर गांव से करीब छह दिन से लापता सात साल के बच्चे शौर्य का शव पुलिस ने बरामद कर लिया है। घटना के संबंध में पुलिस ने बच्चे के चाचा समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
पुलिस के अनुसार बच्चे के रिश्ते के चाचा ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर उसके परिजन से 30-40 लाख रुपये फिरौती वसूलने के लिए घटना को अंजाम दिया था।
पुलिस के अनुसार 15 दिसंबर 2022 की शाम फखरपुर निवासी सोहनबीर का सात वर्षीय पुत्र शौर्य उर्फ सूर्यांश ट्यूशन से वापस लौटते समय लापता हो गया था। सूचना पर पुलिस ने तत्काल गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू की। लेकिन सफलता नहीं मिली। इस पर पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस जांच में कुछ लोगों के नाम प्रकाश में आए थे। इनमें शौर्य का रिश्ते का चाचा विनीत, अक्षित तथा इनका एक अन्य साथी डैनी शामिल हैं। इन लोंगो को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो इन्होंने शौर्य को अगवा कर उसकी हत्या करने का अपराध कुबूल कर लिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने शौर्य के शव को मंगलवार को गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर एक गन्ने के खेत से बरामद कर लिया।
मोटरसाइकिल पर बैठने का शौर्य को शोक
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया की शौर्य को मोटरसाइकिल पर बैठने का बहुत शौक था। वह 15 दिसंबर की शाम करीब सवा पांच बजे जब ट्यूशन पढ़ कर लौट रहा था, तभी आरोपी मोटरसाइकिल पर घुमाने के बहाने शौर्य को अपने साथ ले गये और उसकी गला दबा कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर गन्ने के खेत में ठिकाने लगा दिया। किसी को अभियुक्तों पर शक ना हो इसलिए वे बच्चे के परिजनों के साथ बच्चे की तलाशी के लिए चलाए जा रहे पुलिस के अभियान में शामिल हो गए।
आरोपियों ने हत्या की पुलिस को यह बताई वजह
पुलिस पूछताछ में हत्या की वजह के बारे में पूछे जाने पर आरोपियों ने पुलिस को बताया कि शौर्य के दादा करीब एक साल पहले ही सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के दौरान उन्हें काफी पैसे मिले थे। इस पैसे से शौर्य के दादा ने कुछ जमीन खरीदी थी। अभियुक्तों की मंशा यह थी कि पुलिस का अभियान समाप्त होने के बाद वे परिजन से बच्चे को अपने कब्जे में बताकर 30-40 लाख रुपये की मांग करेंगे। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि शौर्य को मारना इसलिए जरूरी था क्योंकि वह सबको पहचानता था।


