मास्को, 8 फरवरी (khabarwala24)। रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (एफएसबी) ने पुष्टि की है कि मास्को में शीर्ष रूसी मिलिट्री इंटेलिजेंस ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर एलेक्सेयेव पर गोली चलाने वाला संदिग्ध उनकी गिरफ्त में है। इसे दुबई से रूस प्रत्यर्पित किया गया। अदालत ने सुनवाई कर इसे पुलिस कस्टडी में भी भेज दिया है।
6 फरवरी को जनरल पर एक अनजान हमलावर ने गोलियां बरसा दीं। जिसके बाद घायलावस्था में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस मामले की आधिकारिक जानकारी जांच कमेटी की प्रवक्ता स्वेतलाना पेट्रेंको ने दी थी। उन्होंने बताया था कि उत्तर-पश्चिमी इलाके में एक रिहाइशी इमारत के बाहर जनरल को निशाना बनाया गया था।
64 साल के एलेक्सेयेव 2011 से रूस की मिलिट्री इंटेलिजेंस एजेंसी, जिसे जीआरयू के नाम से जाना जाता है, के पहले डिप्टी हेड के तौर पर काम कर रहे थे।
एफएसबी के मुताबिक, लेफ्टिनेंट-जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव को निशाना बनाने वाले 65 साल के हमलावर ल्युबोमिर कोरबा को दुबई से हिरासत में लेकर रूस को सौंप दिया गया। उसे कोर्ट के सामने पेश कर पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। एक कोर्ट प्रवक्ता ने न्यूज एजेंसी तास को बताया, “कोर्ट ने एक इन्वेस्टिगेटिव कमेटी ऑफिसर की उस अर्जी को मंजूर कर लिया है जिसमें कोरबा को हिरासत में रखने की मांग की गई थी।”
तास ने एफएसबी के हवाले से ये भी बताया है कि बंदूकधारी की एक संदिग्ध महिला साथी यूक्रेन भाग गई है।
हमले के बाद, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने आरोप लगाया था कि हत्या की कोशिश के पीछे यूक्रेन का हाथ है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता में व्यवधान डालने के लिए ऐसा किया गया था। वहीं, यूक्रेन ने कहा कि गोलीबारी से उसका कोई लेना-देना नहीं है।
दरअसल, जीआरयू चीफ और घायल जनरल के बॉस एडमिरल इगोर कोस्त्युकोव अबू धाबी में यूक्रेन के साथ संभावित शांति समझौते के सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर बातचीत में रूस के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।
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