रांची/धनबाद, 15 मार्च (khabarwala24)। कभी धनबाद के वासेपुर की तंग गलियों में मामूली विवादों और छोटी गोलीबारी से अपराध की शुरुआत करने वाला प्रिंस खान आज पूरे झारखंड के लिए ‘खौफ का दूसरा नाम’ बन चुका है।
वह कभी दुबई तो कभी पाकिस्तान में बैठकर किसी रोज रांची के एयरपोर्ट इलाके में स्थित रेस्टोरेंट में गोलियां चलवा देता है, तो कभी किसी बड़े कारोबारी को वर्चुअल नंबर से कॉल कर ‘खोपड़ी खोल देने’ की धमकी देता है। धनबाद से लेकर रांची, बोकारो, जमशेदपुर, चतरा और पलामू तक के उद्योगपति उसके निशाने पर हैं। प्रिंस खान के आतंक पर अंकुश की झारखंड पुलिस की कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं।
तीन साल पहले इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बावजूद वह बेखौफ है। झारखंड पुलिस को सूचना मिली है कि अब उसकी पनाहगाह दुबई से बदलकर पाकिस्तान का पंजाब प्रांत हो गई है, जहां से वह न केवल रंगदारी का धंधा चला रहा है, बल्कि भारत की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन गया है। पुलिस अब उसे आतंकवादी घोषित करने की प्रक्रिया में जुटी है। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शनिवार को इस गैंगस्टर के बढ़ते आतंक की गूंज सुनाई दी।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सदन में सरकार को घेरते हुए कहा कि “प्रिंस खान दुबई और पाकिस्तान जैसे इलाकों में बैठकर अपने गुर्गों के जरिए वसूली का साम्राज्य चला रहा है। पिछले एक साल में रंगदारी और गोलीबारी की करीब 60 घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस केवल उसके विदेश में होने का हवाला देती है। अगर राज्य की पुलिस 10 लोगों पर भी कड़ी सख्ती दिखाए, तो किसी की हिम्मत नहीं होगी कि वह सात समंदर पार से भी रंगदारी मांग सके।”
भाजपा विधायक रागिनी सिंह, राज सिन्हा, मनोज यादव ने भी प्रिंस खान के आतंक से जुड़ी घटनाओं का जिक्र किया। पिछले हफ्ते प्रिंस खान के गुर्गों ने रांची के एयरपोर्ट इलाके में एक रेस्टोरेंट में फायरिंग कर एक व्यक्ति की हत्या कर दी। इस वारदात को लेकर पुलिस जिस वक्त तफ्तीश में जुटी थी, उसी दौरान उसने रेस्टोरेंट संचालक को ऑडियो मेसेज कर धमकाया कि पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकेगी। वह अगर मांगी गई रंगदारी की रकम नहीं देता है तो उसकी हत्या करवा देगा।
इस वारदात के तीन दिन बाद उसने रांची के प्रतिष्ठित जय हिंद फार्मा के संचालक से मांगी गई एक करोड़ की रंगदारी मांगी। उसने हाल में सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में बोकारो के बालीडीह औद्योगिक क्षेत्र स्थित बीएमडब्ल्यू (बंसल मेटल वर्क्स) कंपनी में काम करने वाले अधिकारी सुरेश कुमार सिंह को रंगदारी के लिए धमकी दी। साल 2021 में धनबाद के वासेपुर में एक हत्या के सिलसिले में जब पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी तो तो वह फर्जी पासपोर्ट के सहारे देश से फरार होने में सफल रहा था।
जांच रिपोर्टों के अनुसार, उसने पासपोर्ट कार्यालय की खामियों का फायदा उठाया और पहले दुबई में ठिकाना बनाया। लेकिन जब वहां एटीएस और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का दबाव बढ़ा, तो वह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में जाकर छिप गया। यहीं से वह अपने ‘मेजर’ (गुर्गों का कोड नेम) के माध्यम से ‘वर्चुअल क्राइम’ का एक अभेद्य साम्राज्य चला रहा है।
प्रिंस खान का अपराध करने का तरीका बिल्कुल किसी डार्क वेब थ्रिलर जैसा है। वह सीधे कॉल करने के बजाय इंटरनेट कॉलिंग और वर्चुअल नंबरों का सहारा लेता है। वह पहले थ्रेट कॉल या ऑडियो संदेश भेजता है, और यदि मांग पूरी नहीं होती, तो उसके गुर्गे संबंधित प्रतिष्ठान पर फायरिंग या बमबारी करते हैं। वारदात के तुरंत बाद वह सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेते हुए वीडियो जारी करता है और राज्य के आईपीएस अधिकारियों तक को खुलेआम चुनौती देता है।
रांची पुलिस ने पिछले साल प्रिंस खान के गुर्गों को गिरफ्तार किया था, जिनसे पूछताछ में पता चला कि गिरोह को अपराधियों को हथियार और गोला-बारूद पाकिस्तान से ‘ड्रोन’ के माध्यम से पंजाब के मोगा के रास्ते सप्लाई किए जा रहे हैं।
यद्यपि एटीएस और झारखंड पुलिस ने पिछले एक साल में उसके 50 से अधिक गुर्गों को जेल भेजा है, लेकिन असली चुनौती उस ‘मास्टरमाइंड’ के प्रत्यर्पण की है, जो सुरक्षित पनाहगाहों में बैठकर झारखंड में मौत और वसूली का खेल खेल रहा है। पिछले हफ्ते झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्र ने हाई-लेवल मीटिंग में पुलिस को ‘फ्री हैंड’ देते हुए उसके गुर्गों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है।
–khabarwala24
एसएनसी/एएस
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