पटना, 11 फरवरी (khabarwala24)। जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर ने बुधवार को दरभंगा में कथित रूप से यौन उत्पीड़न के बाद हत्या की शिकार छह साल की बच्ची के परिवार से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।
इस दौरान प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर निशाना साधा और राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ठप होने का आरोप लगाते हुए मौजूदा हालात को अफसरों का जंगलराज बताया।
पीड़िता के परिजनों से मिलने के बाद प्रशांत किशोर ने बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं और प्रशासन कानूनहीनता की स्थिति में काम कर रहा है।
उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि वह दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय न्याय की आवाज उठाने वालों को निशाना बना रही है।
दरभंगा में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए किशोर ने कहा कि छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया और बार-बार पुलिस छापेमारी से इलाके में डर का माहौल बन गया है।
उन्होंने कहा, “यहां दो घटनाएं हुई हैं, एक नाबालिग बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या, और दूसरी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई जो पीड़िता और उसके परिवार के लिए न्याय की मांग कर रहे थे। जब ऐसी क्रूर घटना होती है तो लोगों का विरोध करना स्वाभाविक है। सबसे बड़ा दोषी यहां पुलिस है, लेकिन जवाबदेही तय करने के बजाय प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर दर्ज की जा रही है।”
उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, “अगर इतनी भयावह घटना नहीं होती तो लोग सड़कों पर नहीं आते।” उन्होंने दोहराया कि इसी वजह से वह हालात को “अफसरों का जंगलराज” कहते हैं।
प्रशांत किशोर ने स्थानीय विधायकों और सांसदों सहित जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति की भी आलोचना की और कहा कि वे पीड़िता के परिवार से मिलने नहीं आए।
उन्होंने कहा, “जब लोग बिना सवाल किए उन्हें वोट देते रहते हैं तो विधायक या सांसद क्यों आएंगे? चुनाव आते ही ये लोग फिर हिंदू-मुस्लिम और जाति के नाम पर लोगों को बांटेंगे। लोग अपने बच्चों के दर्द को भूलकर नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार या लालू प्रसाद यादव के नाम पर वोट देंगे।”
उन्होंने दावा किया कि जन सुराज आंदोलन पिछले तीन वर्षों से लोगों को चेतावनी दे रहा है कि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार को प्राथमिकता दिए बिना बिहार का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता।
प्रशांत किशोर ने मांग की कि सरकार विरोध प्रदर्शन से जुड़े कथित तौर पर फरार 30 से अधिक लोगों पर सख्त कार्रवाई से बचे और इसके बजाय असली आरोपी को जल्द से जल्द कानून के अनुसार सजा दिलाए।
उन्होंने कहा कि जन आक्रोश पर प्रशासन की प्रतिक्रिया असंवेदनशील रवैये को दर्शाती है, और इससे राज्य में जनता की असुरक्षा और बढ़ रही है।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


