पणजी (गोवा), 12 फरवरी (khabarwala24)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पणजी जोनल ऑफिस ने गोवा में एक बड़े बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सख्त कार्रवाई की है। ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत लगभग 1.17 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों को प्रोविजनल रूप से अटैच (जब्त) कर लिया है।
ईडी ने गोवा पुलिस के इकोनॉमिक ऑफेंस सेल, पणजी द्वारा 7 अक्टूबर 2022 को दर्ज एफआईआर नंबर 09/2022 के आधार पर जांच शुरू की थी। इस एफआईआर में हेमंत रायकर और गुंडू केल्वेकर पर आरोप था कि उन्होंने यूको बैंक की वेरना, फतोर्दा और मडगांव ब्रांचों से धोखाधड़ी करके गोल्ड लोन हासिल किए और बैंक को करोड़ों का चूना लगाया।
ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी गुंडू केल्वेकर ने नकली सोने के गहने (फेक ज्वेलरी) गिरवी रखकर 20 अलग-अलग लोगों के नाम पर कुल 32 गोल्ड लोन पास करवा लिए। इन लोन की रकम बैंक से निकाल ली गई। हेमंत रायकर, जो बैंक के पैनल में शामिल गोल्ड वैल्यूअर (मूल्यांकनकर्ता) थे, ने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करते हुए नकली गहनों को असली सोना बताकर वैल्यूएशन रिपोर्ट तैयार की।
लोन मिलते ही फंड को व्यवस्थित तरीके से गुंडू केल्वेकर के पर्सनल सेविंग्स अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया गया। इस पैसे से बुलियन (सोना) खरीदा गया और अचल संपत्तियां हासिल की गईं। जांच में क्राइम से हुई कुल कमाई लगभग 2.81 करोड़ रुपए आंकी गई है।
5 सितंबर 2025 को ईडी ने हेमंत रायकर और गुंडू केल्वेकर के घरों और बिजनेस स्थानों पर तलाशी ली थी। इस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और सबूत जब्त किए गए, जो फ्रॉड की पुष्टि करते हैं।
अब ईडी ने क्राइम से जुड़ी संपत्तियों को अटैच कर दिया है। ये सभी संपत्तियां कुल 1.17 करोड़ रुपए की हैं और इन्हें क्राइम प्रोसीड्स (अपराध से हुई कमाई) या उसके बराबर मूल्य की माना गया है। इसलिए इन्हें प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत जब्त किया गया है।
आगे की जांच जारी है। ईडी बैंक रिकॉर्ड, ट्रांजेक्शन डिटेल्स, अन्य संदिग्ध अकाउंट्स और जुड़े लोगों की गहन पड़ताल कर रही है।
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