गुवाहाटी, 12 जनवरी (khabarwala24)। असम के कछार जिले में पुलिस ने फर्जी डॉक्टरों और झोलाछापों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को और तेज करते हुए एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह जाली डिग्रियों के सहारे खुद को डॉक्टर बताकर इलाज कर रहा था। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान शमीम अहमद लस्कर के रूप में हुई है, जो ढोलाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भागा इलाके का रहने वाला है। बताया गया है कि शमीम बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री या पंजीकरण के लंबे समय से एक मेडिकल चैंबर चला रहा था। इस मामले की शुरुआत तब हुई जब असम काउंसिल ऑफ मेडिकल रजिस्ट्रेशन (एसीएमआर) के एंटी-क्वैकरी और विजिलेंस ऑफिसर डॉ. अभिजीत नियोग ने इसकी लिखित शिकायत पुलिस को दी।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शनिवार को शमीम के मेडिकल चैंबर पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान आरोपी को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। जब पुलिस ने उसके चैंबर की तलाशी ली, तो वहां से कई फर्जी एमबीबीएस सर्टिफिकेट और अन्य संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए। शुरुआती जांच में यह साफ हो गया कि ये सभी कागजात असली नहीं हैं और मरीजों को गुमराह करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि शमीम अहमद लस्कर काफी समय से अवैध रूप से चिकित्सा कर रहा था। वह खुद को डॉक्टर बताकर लोगों का इलाज करता था, जिससे मरीजों की सेहत और जान दोनों को गंभीर खतरा हो सकता था। जब पुलिस ने उससे वैध रजिस्ट्रेशन या मेडिकल प्रैक्टिस की अनुमति दिखाने को कहा, तो वह कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद किए गए सभी दस्तावेजों को जांच के लिए भेज दिया गया है। इसके साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी कितने समय से यह गैरकानूनी काम कर रहा था और क्या उसके इलाज से किसी मरीज को नुकसान पहुंचा है। इस मामले में एक विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
जांच एजेंसियां अब इस पहलू पर भी गौर कर रही हैं कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो काम नहीं कर रहा, जो फर्जी मेडिकल डिग्रियां बनाकर या सप्लाई करके ऐसे लोगों को डॉक्टर बना रहा है। पुलिस का कहना है कि अगर इस तरह के किसी नेटवर्क के सबूत मिलते हैं, तो आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
गौरतलब है कि कछार जिले में असम पुलिस पिछले कुछ महीनों से झोलाछाप डॉक्टरों और फर्जी मेडिकल प्रैक्टिस के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत अब तक जिले के अलग-अलग इलाकों से करीब 20 ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो बिना योग्यता और अनुमति के इलाज कर रहे थे।
अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी डॉक्टर से इलाज कराने से पहले उसकी डिग्री और पंजीकरण की जानकारी जरूर जांच लें। अगर कहीं भी संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो तुरंत पुलिस या एसीएमआर को इसकी सूचना दें।
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