Khabarwala 24 News Hapur: Jaggery business is sweeter than sugar गुड़ के दाम बाजार में 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं जो चीनी से करीब 9 रुपये अधिक है। क्रेशरों पर गन्ना रिकॉर्ड 330 से 340 रुपये प्रति क्विंटल तक खरीदा जा रहा है। आपको बता दें कि मंडी में गुड़ की आवक कम हुई है। चीनी के दामों में एक पखवाड़े के अंदर 500 रुपये प्रति क्विंटल तक की गिरावट आई है। व्यापारियों का कहना है कि मौसम के साथ गुड़ के दाम घटते बढ़ते रहते हैं। जनपद से बड़ी संख्या में गुड़ उत्तर प्रदेश के साथ साथ देश -विदेश में भी जाता है।
गिर रही गुड़ की आवक (Jaggery business is sweeter than sugar)
जनपद में हर साल गन्ने का रकबा कम हो रहा है। चीनी मिलों के भुगतान में विलंब इसका कारण है। चुनावी वर्ष होने के कारण किसानों को उम्मीद है कि इस बार गन्ने के दाम बढ़ेंगे। इसी के चलते क्रेशर किसानों से 330 रुपये प्रति। क्विंटल तक गन्ना खरीद रहे हैं, अब तक का यह रिकॉर्ड दाम है। गुड़ पर इस महंगाई की मार पड़ी है। बाजार में फुटकर में 50 रुपये प्रति किलो तक गुड़ बिक रहा है। गुड़ की ढैय्या 38 से 40 रुपये प्रति किलोग्राम तक मिल रही है। इन दिनों सर्दी और कोहरे के कारण मंडी में गुड़ की आवक काफी गिर गई है।
गुड़ मंडी समिति के अध्यक्ष संजीव कुमार आढ़ वालों ने बताया कि प्रतिदिन करीब 10 गाड़ी माल आ रहा है, जबकि पहले 15 गाड़ी तक गुड़ की आवक थी। बाजार में चीनी के दामों में लगातार गिरावट जारी है। बृहस्पतिवार को 41 रुपये प्रति किलो चीनी की बिक्री हुई, जबकि 15 दिन पहले दाम 46 रुपये तक पहुंच गया था।
लोग पहुंच रहे क्रेशरों तक (Jaggery business is sweeter than sugar)
गुड़ में सूखे मेवे, मूंगफली डलवाने के लिए लोग क्रेशरों तक पहुंच रहे हैं। लोग मुंह मांगे दाम देकर खुद अपने सामने बिना मसाले का गुड़ तैयार करा रहे हैं। चिकित्सकों का भी मानना है कि गुड़ शरीर के लिए अच्छा होता है, पाचन क्रिया को यह मजबूत करता है।
चीनी मिलों की बढ़ेगी परेशानी
जनपद के दोनों चीनी मिल पहले ही किसानों का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। पिछले सत्र का भुगतान भी इस सत्र की चीनी से हो रहा है। ऐसे में दाम घटने से मिलों की परेशानी और बढ़ गई है।





