Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट में टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और क्रिएटिव सेक्टर को विकसित भारत की मुख्य ताकत बताया गया है। खास तौर पर एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) सेक्टर को बड़ा बढ़ावा दिया गया है। सरकार ने भारतीय इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज, मुंबई के सहयोग से देश भर के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करने का ऐलान किया।
यह कदम युवाओं को डिजिटल और क्रिएटिव स्किल्स सिखाने के साथ-साथ ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ को मजबूत करने का लक्ष्य रखता है। AVGC सेक्टर में 2030 तक लगभग 2 मिलियन पेशेवरों की जरूरत बताई गई है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
AVGC सेक्टर को मिला बड़ा प्रोत्साहन
वित्त मंत्री ने AVGC सेक्टर को तेजी से बढ़ता हुआ उद्योग बताया, जो 2030 तक करीब 20 लाख पेशेवरों की मांग करेगा। इस कमी को पूरा करने के लिए कंटेंट क्रिएटर लैब्स की स्थापना की जाएगी। ये लैब्स स्कूल और कॉलेज स्तर पर एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स जैसी स्किल्स सिखाएंगी। छात्रों को हाथों-हाथ ट्रेनिंग मिलेगी, जिससे वे इंडस्ट्री के लिए तैयार हो सकेंगे। मुंबई स्थित भारतीय इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज इस पहल का नेतृत्व करेगा।
कंटेंट क्रिएटर लैब्स क्या होंगी और क्यों जरूरी हैं
कंटेंट क्रिएटर लैब्स आधुनिक उपकरणों से लैस होंगी, जहां छात्र गेमिंग, एनिमेशन और डिजिटल कंटेंट बनाने की ट्रेनिंग लेंगे। यह ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ का हिस्सा है, जो क्रिएटिव इंडस्ट्रीज पर फोकस करती है। बजट में कहा गया कि यह सेक्टर न केवल रोजगार देगा बल्कि भारत की सॉफ्ट पावर को भी बढ़ाएगा। स्कूलों में शुरुआती स्तर से ट्रेनिंग से टैलेंट का बड़ा 풀 तैयार होगा।
गेमिंग और क्रिएटर इकोनॉमी में रोजगार के अवसर
AVGC सेक्टर में तेज विकास से गेमिंग इंडस्ट्री को खास फायदा होगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह क्षेत्र लाखों नौकरियां पैदा कर सकता है। हालांकि, बजट स्पीच में गेमिंग सेक्टर में ठीक 10 लाख नौकरियों का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, लेकिन कुल सेक्टर में बड़े पैमाने पर हायरिंग की उम्मीद है। कंटेंट क्रिएटर्स, यूट्यूबर्स और डिजिटल मीडिया वर्कर्स के लिए नए मौके खुलेंगे। स्टार्टअप्स को भी सपोर्ट मिलेगा, जिससे गेमिंग और क्रिएटिव फील्ड में इनोवेशन बढ़ेगा।
AI, सेमीकंडक्टर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अर्थव्यवस्था की ताकत बताया गया। AI का इस्तेमाल गवर्नेंस और सेवाओं में बढ़ाया जाएगा। सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के तहत 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया, जिससे घरेलू चिप्स बनेंगे और गेमिंग हार्डवेयर सस्ता होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो बेहतर इंटरनेट और 5G/6G कनेक्टिविटी लाएंगे। इससे कंटेंट क्रिएटर्स को हाई-स्पीड नेटवर्क मिलेगा।
स्किल डेवलपमेंट और अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं
युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने पर जोर दिया गया। IITs और IISc में 10,000 नई टेक फेलोशिप शुरू होंगी, खासकर AI और डीप-टेक रिसर्च के लिए। डिजाइन एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए नए नेशनल डिजाइन स्कूल खोले जाएंगे। पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित की जाएंगी, जहां पढ़ाई के साथ इंडस्ट्री में काम का मौका मिलेगा। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में स्पोर्ट्स गुड्स समेत सात क्षेत्रों को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे क्रिएटर्स के लिए जरूरी उपकरण आसानी से उपलब्ध होंगे।
बजट का समग्र संदेश
निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत अब टेक्नोलॉजी को लीड करेगा। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और टेलीकॉम को इकोनॉमी का ऑपरेटिंग सिस्टम बताया। यह बजट युवाओं, क्रिएटिव सेक्टर और टेक इनोवेशन पर केंद्रित है, जो विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत करेगा।
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